बैंक ऑफ बड़ौदा के कस्टमर्स का डेटा और आंतरिक डाक्यूमेंट्स डार्क-वेब पर लीक
मुंबई- बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों का पर्सनल डेटा और बैंक के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक हो गए हैं। लीक हुए डेटा में ग्राहकों की पर्सनल डिटेल्स, आइडेंटिफिकेशन डॉक्यूमेंट्स, लोन से जुड़े पेपर और बैंक के इंटरनल ऑडिट रिकॉर्ड शामिल हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस घटना की जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है। हालांकि, इस लीक से कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं, इसकी सटीक संख्या अभी साफ नहीं हो पाई है। यह पूरी घटना बैंक के एक कंप्रोमाइज्ड यानी हैक या सेंधमारी का शिकार हुए ईमेल सिस्टम की वजह से हुई है। हैकर्स ने ईमेल सिस्टम को हैक कर बैंक के संवेदनशील डेटा तक पहुंच हासिल की।
यह डेटा शनिवार रात एक डार्क वेब साइट पर सामने आया था। डार्क वेब पर इस डेटा को 700 GB से भी ज्यादा जानकारी वाले डेटा कैशे के रूप में एडवर्टाइज किया गया था। यह डेटा लीक ऐसे समय में सामने आया है जब ग्राहकों और व्यवसायों का भारी मात्रा में डेटा स्टोर करने वाली बड़ी कंपनियों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के सामने साइबर सुरक्षा के जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।
इससे पहले जून महीटने में एपल के सप्लायर ‘टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स’ पर हुए साइबर हमले के कारण एपल और इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला से जुड़े कंपोनेंट डिजाइन और स्पेसिफिकेशंस के डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक हो गए थे।

