कैबिनेट का ₹2.19 लाख करोड़ से सेमीकंडक्टर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिला बूस्ट

मुंबई- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 7 बड़े फैसलों को मंजूरी दी। इनमें भारत के लिए टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, उर्वरक और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को गेमचेंजर माना जा रहा है। इन परियोजनाओं और योजनाओं का कुल बजट ₹2.19 लाख करोड़ से अधिक है।

सरकार का लक्ष्य भारत को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह पैकेज सिर्फ सरकारी खर्च नहीं बल्कि आने वाले दशक के लिए भारत की इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी रणनीति का रोडमैप है।

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission – ISM) 2.0 को मंजूरी दी है। इसमें करीब ₹1.27 लाख करोड़ के प्रावधान को हरी झंडी दी है। इसका मकसद भारत में चिप डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और फैब्रिकेशन का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। सरकार पहले चरण में 10 से अधिक सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है और अब दूसरे चरण में निवेश का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) के लिए ₹62,500 करोड़ के पैकेज को भी मंजूरी दी है। इसका मकसद भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादन और एक्सपोर्ट हब बनाना है। एप्पल, सैमसंग और कई ग्लोबल कंपनियां पहले से भारत में उत्पादन बढ़ा रही हैं। नई योजना से विदेशी निवेश और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारत मोबाइल फोन एक्सपोर्ट में नया रिकॉर्ड बना सकता है।

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