12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं मिलेगी
मुंबई- केंद्र सरकार ने 12% से ज्यादा अल्कोहल मिक्स दवाओं की खुली बिक्री पर रोक लगा दी है। ये नियम 30 मिलीलीटर से ज्यादा बड़ी बोतल के लिए है। अब ये दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना खरीदी या बेची नहीं जा सकेंगी। दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में यह बदलाव किया है।
अब मेडिकल स्टोर्स को इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड एक अलग रजिस्टर में रखना होगा। मार्केट में मिलने वाले कई कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। बिना रोक-टोक या डॉक्टर की पर्ची के मिलने से कई लोग इनका इस्तेमाल नशे के लिए करने लगे थे। इसी दुरुपयोग को रोकने और दवाओं की बिक्री की सख्ती से निगरानी के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
दवाओं का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए सरकार की रेगुलेटरी कमेटियों- ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने इस पर समीक्षा की थी। इन कमेटियों की सिफारिशों के बाद कानून में बदलाव किया गया है। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि ये दवाएं असुरक्षित हैं या इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह सिर्फ सुरक्षा मानक है। अगर डॉक्टर ने यह दवा लिखी है, तो आपको यह पहले की तरह मेडिकल स्टोर से मिल जाएगी, बस आपको डॉक्टर की पर्ची दिखानी होगी।

