बाजार में उतार चढ़ाव के बीच फ्लैक्सी कैप पसंदीदा साधन, 3.47 लाख करोड़ का निवेश

मुंबई- वैश्विक अनिश्चितताओं और शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इक्विटी म्युचुअल फंड्स ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) में कुछ कमी जरूर दर्ज की गई, लेकिन निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की वित्त वर्ष 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का झुकाव फ्लेक्सी-कैप फंड्स की ओर बढ़ा, जबकि सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स की चमक कम हुई। साथ ही, नए फंड ऑफर (NFO) लॉन्च की रफ्तार भी धीमी हुई, जिससे फंड हाउसों की सतर्क रणनीति झलकती है।

वित्त वर्ष 2025-26 में इक्विटी-ओरिएंटेड म्युचुअल फंड योजनाओं में 3.47 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 4.17 लाख करोड़ रुपये से कम रहा। हालांकि बाजार के कमजोर सेंटीमेंट के कारण निवेश में कुछ नरमी आई, फिर भी यह मजबूत स्तर पर बना रहा। इससे पता चलता है कि निवेशक लंबी अविध में दौलत बनाने (वेल्थ क्रिएशन) के लिए म्युचुअल फंड्स को अब भी एक भरोसेमंद निवेश माध्यम मान रहे हैं।

मार्च 2026 के अंत तक इक्विटी म्युचुअल फंड्स स्कीम्स की एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) घटकर 31.98 लाख करोड़ रुपये रह गईं, जो फरवरी में 35.39 लाख करोड़ रुपये थीं। इसकी प्रमुख वजह वित्त वर्ष के अंतिम महीने में शेयर बाजार में आई व्यापक गिरावट (ब्रॉड-बेस्ड करेक्शन) रही। इस दौरान निफ्टी टोटल रिटर्न्स इंडेक्स मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच 3.99% गिर गया, जिससे बाजार मूल्यांकन (मार्क-टू-मार्केट वैल्यूएशन) पर दबाव पड़ा।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निवेशकों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिला। फ्लेक्सी-कैप फंड सबसे ज्यादा पसंद किए गए और कुल इक्विटी फंड्स में हुए शुद्ध निवेश का 25.74% इन्हीं योजनाओं में आया। इसके बाद स्मॉल-कैप फंड्स में 14.97%, मिड-कैप फंड्स में 14.77% और लार्ज एंड मिड-कैप फंड में 12.79% निवेश आया।

फ्लेक्सी कैप फंड्स लार्ज, मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश करने की सुविधा देते हैं। इसलिए, ये उन निवेशकों के लिए बहुत अच्छे हैं जो बाजार की अनिश्चितता को संभालते हुए लंबे समय में संपत्ति बनाना चाहते हैं। इस लचीलेपन की वजह से फंड मैनेजर उन कैटेगरी में अपना निवेश बढ़ा सकते हैं जो बाजार में उतार-चढ़ाव के समय आकर्षक होती हैं और बाजार की स्थितियों के अनुसार निवेश में बदलाव कर सकते हैं।

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