ओेएनजीसी चेयरमैन की नियुक्ति के लिए सरकार ने बढ़ाई अधिकतम उम्र की सीमा
मुंबई- सरकार ने सरकारी कंपनी ONGC के अगले चेयरमैन की नियुक्ति के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी है। इसके तहत अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाकर 59 साल कर दिया गया है। साथ ही अब चुने गए उम्मीदवार को 3 साल का फिक्स्ड टर्म दिया जाएगा, जिसे और 2 साल बढ़ाया जा सकता है। इससे ONGC चेयरमैन बनने के लिए योग्य उम्मीदवारों का दायरा बढ़ गया है।
सरकारी कंपनियों में नियुक्तियों के लिए सरकार की एजेंसी ‘पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (PESB)’ ने ONGC के चेयरमैन पद के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा। 6 दिसंबर 2026 को मौजूदा चेयरमैन अरुण कुमार सिंह का बढ़ा हुआ कार्यकाल खत्म होने वाला है।
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के विज्ञापन के अनुसार, उम्मीदवारों की उम्र पद खाली होने की तारीख यानि 7 दिसंबर, 2026 को 59 साल या उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चुने गए उम्मीदवार को शुरू में 3 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद उनके कार्यकाल को 2 साल और बढ़ाया जा सकता है।
विज्ञापन में कहा गया है, “60 साल की उम्र के बाद कोई भी नौकरी या कार्यकाल का विस्तार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगा।” कैंडिडेट का सिलेक्शन सामान्य PESB सिलेक्शन प्रोसेस के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन 21 जुलाई को बंद हो जाएंगे, जबकि तय तरीकों से आवेदन भेजने की आखिरी तारीख 30 जुलाई है। जिम्मेदारियों की बात करें तो चेयरमैन ONGC के ओवरऑल मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसमें रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी करना, ONGC के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन बिजनेस का नेतृत्व करना, अधिग्रहणों और जॉइंट वेंचर्स के जरिए नए एनर्जी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर्स में विस्तार की देखरेख करना और पूरी कंपनी में टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शामिल है।
सरकार ने 2022 में ONGC के मौजूदा चेयरमैन और CEO अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति के समय भी इसी तरह की छूट दी थी। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी ने उन्हें अगस्त 2022 में उस वक्त चुना था, जब वह 60 साल के होने वाले थे।

