कोटक एएमसी के नीलेश शाह ने कहा, भारतीय बाजार नई ऊंचाई पर जल्द पहुंचेंगे
मुंबई- अमेरिका-ईरान में डील से भारतीय बाजार को पंख लग गए हैं। कोटक एएमसी के एमडी नीलेश शाह ने कहा कि अमेरिका-ईरान में टेंशन घटने से पहले तो बाजार में रिलीफ रैली दिखी है। फिर धीर-धीरे बाजार ऊपर जाएगा। उनका मानना है कि स्ट्रक्चरल इंडिया स्टोरी की बदौलत बाजार 12-18 महीनो में नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगा। बाजार के दूसरी छमाही में नई ऊंचाई पर पहुंचने की गारंटी नहीं है।
उन्होंने कहा कि बाजार ने घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के सपोर्ट से स्ट्रेंथ दिखाई है। लेकिन, चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। इनमें मानसून की सामान्य से कम बारिश, ग्रामीण इलाकों में इनफ्लेशन का रिस्क, अर्निंग्स डिलीवरी, ग्लोबल एआई/लिक्विडिटी शिफ्ट और कुछ पॉकेट्स में वैल्यूएशंस शामिल हैं।
क्या विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में लौटेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक दूसरी छमाही में भारतीय बाजार में लौट सकते हैं। इसकी कई वजहें हैं। जियोपॉलिटिकल टेंशन कम हुआ है। ऑयल की कीमतों में स्टैबिलिटी आ रही है। रुपये को सपोर्ट मिलता दिख रहा है।
विदेशी निवेशक अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार करना चाहेंगे। उनकी नजरें मार्जिन को लेकर पहली और दूसरी तिमाही के गाइडेंस पर होगी। इसके अलावा वे डिमांड और एआई का असर भी देखना चाहेंगे।
अमेरिका-ईरान डील से भारत को क्या फायदा होगा? इसके जवाब में शाह ने कहा कि इससे भारत में करेंट अकाउंट डेफिसिट घटेगा। इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा घटेगा। रुपये में स्थिरता आएगा और कंपनियों का मार्जिन इम्प्रूव हो सकता है। इससे इनवेस्टर्स की रिस्क लेने की क्षमता बढ़ेगी। भारत में घरेलू कंजम्प्शन और पूंजीगत खर्च पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। लेकिन, निवेशकों को आक्रामक की जगह अनुशासित रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बैंकों की वैल्यूएशंस ग्रोथ के लिहाज से अच्छी दिख रही है। उनके एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट है। इंटरेस्ट रेट में कमी का संभावित फायदा उन्हें मिलेगा। खासकर सरकारी और प्राइवेट बैंकों की स्थिति डिपॉजिट के लिहाज से स्ट्रॉन्ग है। हालांकि, क्रेडिट ग्रोथ पर नजर रखनी होगी। ऑयल की कीमतों में नरमी का फायदा एविएशन, ऑटो/एफएमसीजी/पेंट्स/कंज्यूमर और ओएमसी को मिल सकता है।

