एचडीएफसी बैंक पर अब 45 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप
मुंबई- एचडीएफसी बैंक पर अब 45 करोड़ रुपये की अनियमितता का आरोप लगा है। हालांकि बैंक ने कहा कि गड़बड़ी को लेकर लगाए जा रहे कयास केवल चुनिंदा तथ्यों पर आधारित हैं और बैंक सभी मुद्दों को आंतरिक रूप से स्थापित प्रोसेस के जरिए संभालता है।
यह स्पष्टीकरण उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया था कि एचडीएफसी बैंक की ऑडिट कमेटी ऑफ द बोर्ड (एसीबी) ने 12 मार्च को वित्त वर्ष 2024 और 2025 के दौरान महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) को किए गए 45 करोड़ रुपए के भुगतान की औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच का आदेश दिया है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ये भुगतान कथित तौर पर एमएसआरडीसी द्वारा बैंक में जमा की गई राशि पर दिए जाने वाले अलग-अलग ब्याज दरों से जुड़े थे। राज्य सरकार की एजेंसी को ब्याज भुगतान के रूप में सीधे जमा किए जाने के बजाय, धनराशि कथित तौर पर बैंक के मार्केटिंग डिपार्टमेंट के माध्यम से भेजी गई और चार स्थानीय विक्रेताओं के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में योगदान के रूप में दिखाई गई।
इसके अलावा, रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन की उपस्थिति में वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर इस व्यवस्था पर चर्चा की गई थी। इस रिपोर्ट के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर में गिरावट देखी गई थी।

