रूस से कच्चा तेल खरीदता रहेगा भारत, मई में रोजाना खरीदा 23 लाख बैरल क्रूड

मुंबई- अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने साफ किया कि रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद आगे भी जारी रहेगी।

अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म होने से भारत के इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत का यह फैसला किसी देश की रियायत पर नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से व्यापारिक सूझबूझ और देश के आर्थिक हित पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि भारत का रुख इस मामले में हमेशा से साफ रहा है। भारत अमेरिकी छूट मिलने से पहले भी रूस से तेल खरीद रहा था, छूट के दौरान भी खरीदा और आगे भी इसे जारी रखेगा। सरकार ने देश की जरूरत के मुताबिक पहले ही कच्चे तेल की पर्याप्त सप्लाई का इंतजाम कर लिया है, इसलिए देश में क्रूड ऑयल की कोई कमी नहीं है। भारत ने मई महीने में रूस से रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन कच्चे तेल का आयात किया है।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई काफी प्रभावित हुई है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें काबू में रखने और सप्लाई बनाए रखने के लिए अमेरिका ने मार्च में एक छूट जारी की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 16 मई तक के लिए वैध किया गया था। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही वाशिंगटन लगातार भारत पर इस बात का दबाव बनाता रहा है कि वह रूस से डिस्काउंट पर तेल खरीदना कम करे।

भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट कर दिया था कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच देश की तेल सप्लाई को बनाए रखना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। अधिकारियों ने चेतावनी भी दी थी कि अगर तेल की सप्लाई में कोई रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे देश में डोमेस्टिक कुकिंग गैस (LPG) जैसी जरूरी चीजों की किल्लत और महंगाई बढ़ सकती है।

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