कठिन कारोबारी माहौल के लिए रहें तैयार, 30 से अधिक CEO को एन चंद्रशेखरन का निर्देश
मुंबई- टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टाटा ग्रुप की कंपनियों के 30 से अधिक CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर्स (MD) को कठिन कारोबारी माहौल के लिए तैयार रहने को कहा है। चंद्रशेखरन ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के असर पर एक रिव्यू मीटिंग के दौरान यह बात कही। इस युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित हो गई है।
चंद्रशेखरन ने टॉप एग्जीक्यूटिव्स को बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में वोल्टास, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और टाइटन कंपनी (डामास सहित) के 10,000 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, उन्होंने इन कर्मचारियों की वापसी के लिए उठाए गए कदमों की रूपरेखा भी साझा की।
आकलन के दौरान एक कॉमन बात यह निकलकर आई कि सप्लाई चेन में बाधा और जिंस की बढ़ती कीमतों का असर मांग पर पड़ेगा और इससे ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ेगी। इसके चलते मार्जिन पर दबाव आएगा। कई कंपनियों के लिए इसका मतलब यह होगा कि उत्पादन, क्षमता से कम रह सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर या क्षमता निर्माण से जुड़ी अन्य कंपनियों के लिए सप्लाई में देरी का असर समयसीमा और जनशक्ति, दोनों पर पड़ेगा। कुछ कंपनियों पर तेल की कीमतों का सीधा और गहरा असर होगा।
चेयरमैन ने कंपनियों को कठिन व्यावसायिक माहौल के लिए तैयार रहने को कहा है। यह माहौल मांग में कमी, सप्लाई चेन बाधित होने से प्रोजेक्ट्स में देरी, तेल की उच्च कीमतों के कारण लागत बढ़ने, मुद्रा के उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने जैसे कारणों के चलते पैदा हो सकता है।
चंद्रशेखरन ने नकदी के सावधानी भरे और विवेकपूर्ण प्रबंधन, और बचत पर फोकस करने की भी सिफारिश की। उन्होंने प्रोजेक्ट्स के शुरू होने का समय सावधानीपूर्वक चुनने और अगर जरूरी हो तो समय-सीमा यानि टाइमलाइंस पर फिर से विचार करने की सलाह दी। ग्रुप के टॉप अधिकारियों को साइबर सिक्योरिटी की तैयारी करने और नेटवर्क की मजबूती बढ़ाने, स्पष्ट लक्ष्यों के साथ लागत सुधारने के प्रोग्राम चलाने की जरूरत के बारे में भी बताया गया।
टाटा ग्रुप द्वारा उठाए गए कुछ खास कदमों के बारे में बताते हुए, चंद्रशेखरन ने कहा कि ग्रुप ने एयर इंडिया के जरिए UAE में ट्रांजिट कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को घर वापस आने में मदद की है। ग्रुप ने कतर में कर्मचारियों के लिए भारतीय एंबेसी के जरिए सऊदी अरब का वीजा बनवाने में भी मदद की है।

