सिस्टम फेल होने पर यात्रियों का सामान उठाने वाले विलियम इंडिगो के नए सीईओ
मुंबई- भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के नए CEO विलियम वॉल्श होंगे। वॉल्श इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) में डायरेक्टर जनरल के रूप में काम कर रहे हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म होगा। इसके बाद 3 अगस्त 2026 से इंडिगो में जिम्मेदारी संभालेंगे।
65 वर्षीय वॉल्श एयरलाइन इंडस्ट्री में बेहद जुझारू एविएशन प्रोफेशनल माने जाते हैं। यात्रियों को सुरक्षित उड़ान का भरोसा दिलाने के लिए वे CEO रहते हुए ज्वालामुखी के ऊपर उड़ा चुके हैं। यही नहीं, हैंडलिंग सिस्टम फेल होने पर वे खुद यात्रियों का सामान उठाने लगे।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महज 17 साल की उम्र में कार चलाने का लाइसेंस मिलने से पहले ही आसमान में कैडेट पायलट का काम शुरू कर दिया था। वे संकट के समय दफ्तर में बैठने के बजाय खुद कमान संभालने के लिए मशहूर हैं।
एविएशन इंडस्ट्री में ‘विली’ नाम से फेमस विलियम वॉल्श के पास विमानन क्षेत्र में 40 साल का एक्सपीरियंस है। ब्रिटिश एयरवेज और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के CEO रह चुके हैं। 2010 में वाल्श ब्रिटिश एयरवेज के सीईओ थे। उस दौरान आइसलैंड के ज्वालामुखी विस्फोट से उठे राख के बादलों ने यूरोप के उत्तरी-पश्चिमी एयरस्पेस में 6 दिन तक उड़ानें ठप कर दी थीं। सुरक्षा कारणों से कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं था और कंपनियां नुकसान झेल रही थीं। तब वाल्श खुद बोइंग विमान लेकर टेस्ट फ्लाइट पर निकले और करीब 2.5 घंटे राख प्रभावित क्षेत्र में उड़ान भरी। जांच में इंजन सुरक्षित मिला। इसके बाद यात्री उड़ानें फिर शुरू हो सकीं।
एक बार लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर बैग हैंडलिंग सिस्टम फेल हो गया। इसे देखते हुए वाल्श खुद मैदान में उतरे। जींस-टी-शर्ट पहन कर खुद लगेज उठाए और यात्रियों का सामान व्यवस्थित करने लगे। ये देख वहां मौजूद कर्मचारी और यात्री भी हैरान रह गए।

