अतानु चक्रवर्ती बोले, मूल्यों व नैतिकता को लेकर निवेशकों के बीच गवर्नेंस संबंधी चिंताएं

मुंबई- देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे से बैंकिंग सेक्टर सकते में आ गया है। बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि चेयरमैन का अचानक इस्तीफा उनके और प्रबंधन टीम के बीच मतभेद के कारण हो सकता है। हालांकि, बैंक में कोई गंभीर समस्या नहीं है।

उधर, बुधवार को इस्तीफा देने वाले चक्रवर्ती ने कहा था कि वे मूल्यों और नैतिकता पर मतभेदों के चलते बैंक से जा रहे हैं। इससे कुछ निवेशकों के बीच गवर्नेंस संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं। चक्रवर्ती ने अपने पत्र में कहा, पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रथाएं देखी हैं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं।

उधर इस पूरे मसले पर भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, एचडीएफसी बैंक घरेलू स्तर पर महत्वपूर्ण बैंक है। इसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है। बोर्ड पेशेवर रूप से संचालित है और प्रबंधन टीम सक्षम है। इसके आचरण या गवर्नेंस के संबंध में कोई गंभीर चिंता का विषय दर्ज नहीं है। आरबीआई ने एचडीएफसी समूह के पूर्व कार्यकारी अधिकारी केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय बैंक ने एचडीएफसी बैंक को प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक घोषित किया है। यह दर्जा उन बैंकों को दिया जाता है जिन्हें विफल होने के लिए बहुत बड़ा माना जाता है और जिन्हें अतिरिक्त पूंजी रखने की आवश्यकता होती है।

मिस्त्री ने कहा, चक्रवर्ती द्वारा अपने इस्तीफे पत्र में उठाए गए मुद्दों की जानकारी उन्हें नहीं थी। साथ ही, बैंक के भीतर कोई सत्ता संघर्ष नहीं है। चक्रवर्ती और प्रबंधन के बीच संबंधों में कुछ समस्या रही होगी। यह समस्या समय के साथ-साथ सामने आई होगी।

दिसंबर, 2025 तक एचडीएफसी बैंक का खाताबही 40.89 लाख करोड़ रुपये था। इसके 12 करोड़ से अधिक ग्राहक थे। यह देश की कुल बैंकिंग प्रणाली में जमा राशि का करीब दसवां हिस्सा है।

ब्रोकरेज हाउस मैक्वेरी के विश्लेषक सुरेश गणपति ने कहा, निकट भविष्य में बैंक के प्रदर्शन में गिरावट जारी रह सकती है। हालांकि फंडामेंटल्स मजबूत हैं और परिसंपत्तियों पर रिटर्न अच्छा है, लेकिन इस समय गवर्नेंस संबंधी चिंताएं शेयर पर भारी दबाव डालेंगी। निवेशक बोर्ड से और अधिक आश्वासन चाहेंगे। मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पुनर्नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता भी शेयर पर असर डालेगी।

सरकार के भरोसेमंद थे चक्रवर्ती

पूर्व नौकरशाह चक्रवर्ती को अप्रैल, 2021 में तीन साल के लिए एचडीएफसी बैंक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 2024 में मई, 2027 तक के लिए उन्हें फिर से नियुक्त किया गया।

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