मुंबई का मोतीलाल नगर बनेगा ’15-मिनट सिटी’, फ्री मिलेंगे 1600 वर्ग फुट के मकान

मुंबई- मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) स्थित मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना का मास्टर प्लान शुक्रवार को महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA- म्हाडा) के उपाध्यक्ष और सीईओ संजय जायसवाल ने प्रस्तुत किया। मुंबई बोर्ड द्वारा लागू की जा रही 143 एकड़ में फैली यह परियोजना भारत की अब तक की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास पहल मानी जा रही है।

इस विशाल परियोजना को अडानी ग्रुप द्वारा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट एजेंसी (C&DA) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। सरकार ने म्हाडा को इस प्रोजेक्ट के लिए विशेष नियोजन प्राधिकरण (SPA) का दर्जा दिया है। म्हाडा ने लक्ष्य रखा है कि ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) मिलने के अगले 7 वर्षों के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा।

इस पुनर्विकास की सबसे बड़ी विशेषता पुनर्वास (Rehab) घरों का आकार है, जो मुंबई के इतिहास में अभूतपूर्व है। 3702 पात्र परिवारों को करीब 1600 वर्ग फुट के बड़े और आधुनिक घर मुफ्त मिलेंगे। 328 पात्र व्यवसायियों को 987 वर्ग फुट की कमर्शियल यूनिट्स दी जाएंगी। लगभग 1600 झुग्गीवासियों को SRA नियमों के तहत 300 वर्ग फुट के घर मिलेंगे।

मास्टर प्लान के अनुसार, मोतीलाल नगर को एक आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा जहां ’15-मिनट सिटी’ का कॉन्सेप्ट लागू होगा। इसका मतलब है कि स्कूल, अस्पताल, बाजार, पार्क, जिम और सांस्कृतिक केंद्र जैसी तमाम सुविधाएं निवासियों के घर से महज 15 मिनट की दूरी पर होंगी।

मुंबई में जमीन की कमी के बावजूद, इस प्रोजेक्ट में 15 एकड़ हिस्सा ग्रीन जोन के लिए सुरक्षित रखा गया है। यह निचला इलाका है। इस कारण यहां अक्सर पानी भरने की समस्या रहती थी। मोतीलाल नगर 1, 2 और 3 कॉलोनियों के पुनर्विकास का यह प्रोजेक्ट करीब 20 साल से लंबित था। मूल रूप से 1960 के दशक में बनी यह कॉलोनी मध्यमवर्गीय परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, लेकिन बढ़ती आबादी और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव के चलते पुनर्विकास जरूरी हो गया था।

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