हजारों विमानों के रद्द होने के चलते इंडिगो के सीईओ का इस्तीफा, प्रमोटर ने संभाला पद
मुंबई- दिसंबर में हजारों विमानों के रद्द होने और इससे लाखों यात्रियों के प्रभावित होने के कारण देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने इस्तीफा दे दिया है। इसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया है। कंपनी के प्रमोटर राहुल भाटिया ने अंतरिम एमडी के रूप में पदभार संभाल लिया है। नए सीईओ की नियुक्ति की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।
एयरलाइन की इस गड़बड़ी पर निराशा व्यक्त करते हुए राहुल भाटिया ने मंगलवार को कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक ईमेल में कहा, पिछले दिसंबर में जो हुआ वह होना ही नहीं चाहिए था। हमारे ग्राहक इसके हकदार नहीं थे और न ही आप सभी, विशेष रूप से फ्रंटलाइन कर्मचारी, जिन्होंने बिना किसी गलती के सबसे अधिक नुकसान झेला। इंटरग्लोब एविएशन इंडिगो ब्रांड नाम से एयरलाइन का संचालन करती है।
इंटरग्लोब एविएशन के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा, राहुल एयरलाइन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने के लिए वापस लौट रहे हैं, ताकि कंपनी की संस्कृति को मजबूत किया जा सके। परिचालन उत्कृष्टता को सुदृढ़ किया जा सके और अपने ग्राहकों को असाधारण सेवा, विश्वसनीयता और व्यावसायिकता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और गहरा किया जा सके।
इंडिगो की ओर से विमानन नियामक डीजीसीए के नए मानदंडों का पालन न करने के कारण हवाई नेटवर्क ठप हो गया था। दिसंबर में एयरलाइन को अपने अब तक के सबसे गंभीर परिचालन संकट का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते जनता और सरकार दोनों ने इसकी कड़ी आलोचना की थी।
एल्बर्स ने एयरलाइन के सह-संस्थापक भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में कहा, हमारी बातचीत के अनुसार, व्यक्तिगत कारणों से, मैं आज से इंडिगो के सीईओ पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं निवेदन करता हूं कि नोटिस अवधि माफ कर दी जाए। सितंबर, 2022 से इंडिगो के सीईओ के रूप में सेवा करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही है। इंडिगो परिवार का हिस्सा बनना, इसकी शानदार विकास गाथा और इसमें हमने मिलकर जो कदम उठाए हैं, वे मेरे लिए बेहद खुशी की बात हैं। यदि कंपनी चाहे तो, मैं किसी भी तरह के हस्तांतरण या परिवर्तन के लिए उपलब्ध रहूंगा।
सितंबर 2022 में एल्बर्स के पदभार संभालने के बाद से तीन साल से कुछ अधिक समय में इंडिगो ने 10 अरब डॉलर के राजस्व का आंकड़ा पार कर लिया। अपने बेड़े का विस्तार 440 से अधिक विमानों तक कर लिया और 500 एयरबस ए320-परिवार के विमानों के लिए एक ऐतिहासिक ऑर्डर दिया।
लेकिन अपनी सफलताओं के बावजूद एल्बर्स का कार्यकाल दिसंबर, 2025 में एक बड़े परिचालन संकट से दागदार हो गया। यह उड़ान संकट इंडिगो द्वारा पायलटों की थकान को रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में हुई विफलता के कारण उत्पन्न हुआ।
3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं और लगभग 1,900 उड़ानों में देरी की। इससे 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।
डीजीसीए ने एल्बर्स पर 22.20 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया और उन्हें सीधे कारण बताओ नोटिस जारी किए। हालांकि शुरुआत में उनके इस्तीफे की मांग से वे बच गए, लेकिन इस संकट ने समय की पाबंदी के लिए एयरलाइन की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचाया।
एल्बर्स का इस्तीफा सह-संस्थापक भाटिया के लिए एक तरह से वापसी का प्रतीक है, खासकर उनके दूसरे सह-संस्थापक राकेश गंगवाल की अनुपस्थिति में, जिन्होंने फरवरी, 2022 में निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था।
इंडिगो के विमानों के रद्द होने से सरकार बेहद नाराज हो गई और उस समय स्विट्जरलैंड में सर्जरी से उबर रहे भाटिया भी बहुत परेशान थे। हालांकि पदधारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई और इंडिगो पर जुर्माना लगाया गया। लेकिन सीईओ का इस्तीफा दिसंबर में हुए हंगामे के बाद एयरलाइन द्वारा उठाया गया सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

