वित्तीय विवादों से बचने के लिए कम नॉमिनी का करें चयन, 10 की है सुविधा
म्यूचुअल फंड और डीमैट खाता के संशोधित नियम एक मार्च से लागू हो गए हैं। इन संशोधित नियमों का उद्देश्य म्यूचुअल फंड फोलियो और डीमैट खाते में नामांकन प्रक्रिया को आसान बनाना है। हालांकि, ज्यादा नॉमिनी रखना कुछ मामलों में विवाद को जन्म दे सकता है। पर यदि कुछ सही कदम उठाए जाएं तो इससे निवेशकों को कानूनी और उत्तराधिकार योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों में नॉमिनी व्यक्तियों को रखते समय सावधानी बहुत जरूरी है। अन्यथा यह उत्तराधिकार की योजना बनाने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। अब जब सेबी ने 10 व्यक्तियों को नॉमिनी बनाने की मंजूरी दी है तो इसमें और ज्यादा सावधानी की जरूरत है। सैद्धांतिक रूप से यह कदम सराहनीय है, व्यावहारिक रूप से यह समस्या खड़ा कर सकता है, क्योंकि नॉमिनी की संख्या जितनी अधिक होगी, उतने ही ज्यादा दस्तावेज और हस्ताक्षर की जरूरत होगी। ऐसा भी हो सकता है कि नॉमिनी व्यक्तियों में से एक या कोई और की मृत्यु हो जाती है या वह प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं हहा है तो यह और ज्यादा विवाद खड़ा कर सकता है।
सुप्रीमकोर्ट के विभिन्न निर्णयों से यह अच्छी तरह से तय हो चुका है कि खाताधारक की मृत्यु के बाद संपत्ति को कानूनी उत्तराधिकारियों को वितरित करना नॉमिनी की जिम्मेदारी है। फिर भी दावे, मुकदमे व झगड़े हो सकते हैं, खासकर जब खाताधारक बड़ी रकम छोड़ गया हो। एक मार्च से 10 संशोधित नियम लागू हो गए हैं। इनमें से एक में नॉमिनी के लिए कागजी कार्रवाई को आसान कर दिया गया है। संशोधित नियमों के तहत आपके साथ कुछ होता है, तो नॉमिनी को कागजी कार्रवाई से जूझना नहीं पड़ेगा। केवल एक स्व-सत्यापित मृत्यु प्रमाण पत्र और केवाईसी संपत्ति को ट्रांसफर करने के लिए पर्याप्त है। ऐसा ही एक नियम यह है कि निवेशक कार्य करने में सक्षम नहीं है तो नॉमिनी उनकी ओर से कार्य कर सकता है।
नॉमिनी की संख्या : फोलियो यानी खाते में अधिकतम 10 व्यक्तियों को नॉमिनी रख सकते हैं। (2) संयुक्त खातों के मामले में एक की मौत हो जाती है तो विनियमित संस्थान उसके मृत्यु प्रमाण पत्र को छोड़कर जीवित संयुक्त धारक से केवाईसी या अंडरटेकिंग जैसा कोई दस्तावेज नहीं मांगेगा। (3) निवेशक ने किसी को पावर ऑफ अटॉर्नी दिया है तो वह व्यक्ति नॉमिनी नियुक्त नहीं कर सकता है। (4) संयुक्त फोलियो के ट्रांसफर में नॉमिनी के पास या तो अन्य नॉमिनी के साथ संयुक्त धारक के रूप में बने रहने या अपने संबंधित हिस्से के लिए अलग सिंगल फोलियो खोलने का विकल्प होगा। (5) निवेशक शारीरिक रूप से अक्षम है, फिर भी कांट्रैक्ट कर सकता है, तो नॉमिनी में से किसी एक (नाबालिग नॉमिनी को छोड़कर) को निवेशक के फोलियो को जारी रखने का अधिकार मिलता है। फोलियो में एसेट्स का आंशिक या पूर्ण हिस्सा तय करें जिसे नियुक्त नॉमिनी भुना सके। ऐसे नियम को बिना किसी प्रतिबंध के कई बार बदल सकते हैं।
(ए) मृत निवेशक के मृत्यु प्रमाण पत्र की स्व-सत्यापित कॉपी (बी) नॉमिनी के केवाईसी को उचित रूप से पूरा या अपडेट करना (सी) इस तरह के ट्रांसफर के संबंध में विनियमित संस्थाओं के खिलाफ कोई दावा नहीं किया जाएगा। किसी भी अस्पष्टता से बचने के लिए नॉमिनी को कानूनी उत्तराधिकारी माना जाएगा। संपत्ति का अंतिम मालिकाना हक कई नॉमिनी को देने का इरादा है तो 10 नॉमिनी का फैसला बेहतर हो सकता है। हालांकि, यदि खाताधारक का इरादा यह है कि अंतिम मालिकाना हक किसी अन्य कानूनी उत्तराधिकारी के पास हो तो फिर कई नॉमिनी का महत्व नहीं है, क्योंकि ऐसे नॉमिनी को ट्रस्टी के रूप में संपत्ति रखने और इसे कानूनी उत्तराधिकारी के बीच बांटने की जरूरत होगी। ऐसे मामले में इच्छित उत्तराधिकारियों को नॉमिनी बनाना और किसी भी अस्पष्टता से बचने के लिए उत्तराधिकारियों को वसीयत में शामिल करना समझदारी होगी।
यह संभव है कि अगर कानूनी उत्तराधिकारी ट्रस्टी के रूप में कार्य करने वाले कई नॉमिनी के अधिकार का विरोध करते हैं तो संघर्ष उत्पन्न हो सकता है। जबकि नामांकित व्यक्तियों का उद्देश्य परिसंपत्तियों का प्रबंधन और सही उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित करने के लिए संरक्षक के रूप में कार्य करना है। यदि उत्तराधिकारी नॉमिनी की भूमिका या निर्णयों को चुनौती देते हैं, तो असहमति हो सकती है। विशेष रूप से मृतक से स्पष्ट निर्देशों के अभाव में या संपत्ति वितरण में किसी भी अनुचितता के मामले में। ऐसे विवादों से बचने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौतों पर हस्ताक्षर करें। वसीयत बनाकर भी इसे टाल सकते हैं।
ऐसे मामलों में दुरुपयोग को कम करने के लिए सेबी ने सख्त सत्यापन प्रोटोकॉल लागू किया है। उदाहरण के लिए, विनियमित संस्थाओं को मेडिकल प्रमाणपत्र के जरिये अक्षम स्थिति की पुष्टि करनी होगी। नॉमिनी व्यक्तियों को विशिष्ट पहचान विवरण देना होगा और किसी भी एनकैशमेंट को केवल निवेशक के लिंक किए गए बैंक खाते में जमा किया जाना चाहिए। सेबी के ये नियम स्पष्ट रूप से संयुक्त धारकों, नामांकित व्यक्तियों और कानूनी उत्तराधिकारियों के बीच अंतर दिखाते हैं, ताकि खाताधारक म्यूचुअल फंड जैसे निवेश के संबंध में अपनी उत्तराधिकार योजना के परिणाम के बारे में किसी भी भ्रम से पीड़ित न हों।

