इन सात शेयरों में एक दिन में आ चुकी है 80 प्रतिशत तक भारी गिरावट
मुंबई-फिनटेक कंपनी PB Fintech का शेयर गुरुवार को 34% तक टूट गया। यह कंपनी के शेयर की अब तक की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट है। PB Fintech साल 2021 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। IRDAI के डिस्ट्रीब्यूशन नॉर्म्स से जुड़े ड्राफ्ट पेपर के बाद शेयर में बेचने की होड़ लग गई।
कंपनी का मार्केट कैप 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर भी पहुंच गया। लेकिन शेयर बाजार में एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है। कुछ शेयर तो एक ही दिन में 50% से 80% तक पिट गए।
मार्च 2020 में Yes Bank के शेयर में ऐसा भूचाल आया कि भाव एक ही कारोबारी सत्र में 80% से ज्यादा लुढ़क गया। RBI ने बैंक के बोर्ड को अपने नियंत्रण में ले लिया था। साथ ही बैंक पर मोरेटोरियम लगा दिया गया। खबर बाजार में पहुंचते ही शेयर में बेचने की होड़ लग गई। कंपनी का मार्केट कैप 1 अरब डॉलर से ज्यादा साफ हो गया। बाद में कुछ रिकवरी हुई और 6 मार्च 2020 को शेयर करीब 50% नीचे बंद हुआ।
2 फरवरी 2018 को PC Jeweller के शेयर में भी जबरदस्त भगदड़ मची। कारोबार के दौरान शेयर करीब 60% तक धड़ाम हो गया। इसकी वजह Vakrangee संकट के बीच पैदा हुई घबराहट में बिकवाली बताई गई थी। उस समय Vakrangee ने PC Jewellers में हिस्सेदारी खरीदी थी। कीमत और वॉल्यूम में कथित हेरफेर को लेकर SEBI की जांच की खबरों के बाद निवेशकों ने शेयर से दूरी बना ली।
21 सितंबर 2018 को Dewan Housing यानी DHFL के शेयर में भी ऐसा ही नजारा दिखा। कारोबार के दौरान शेयर 55% से 60% तक भरभराकर नीचे आ गया। उस समय IL&FS डिफॉल्ट के बाद पूरे वित्तीय सिस्टम में लिक्विडिटी को लेकर डर बढ़ गया था। इसका असर DHFL पर भी पड़ा। निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचना शुरू कर दिया। बाद में शेयर ने थोड़ा संभलने की कोशिश की। फिर भी दिन का कारोबार करीब 42% की गिरावट के साथ खत्म हुआ।
DHFL के साथ Indiabulls Housing Finance भी बिकवाली की चपेट में आ गया। 21 सितंबर 2018 को ही यह शेयर इंट्राडे करीब 34% तक फिसल गया। शेयर फरवरी 2017 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। लिस्टिंग के बाद यह कंपनी के लिए सबसे खराब इंट्राडे सेशन में से एक रहा।
25 जनवरी 2019 को Zee Entertainment के शेयर में भी निवेशकों के बीच अफरा-तफरी मच गई। शेयर एक ही कारोबारी सत्र में 33.5% तक धड़ाम हो गया। Zee के प्रमोटर Essel Group का संबंध नोटबंदी के दौर में पैसों की आवाजाही से जुड़ी जांच से था। प्रमोटर की ज्यादा गिरवी हिस्सेदारी ने भी दबाव बढ़ाया।
फरवरी 2023 में Adani Enterprises का शेयर भी एक दिन में 28.5% तक टूट गया था। कंपनी ने 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का FPO वापस लेने का फैसला किया था। यह घटनाक्रम Hindenburg Research की रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद हुआ। रिपोर्ट में Adani Group पर अकाउंटिंग फ्रॉड और शेयर में हेरफेर जैसे आरोप लगाए गए थे।
24 जुलाई 2025 को Indian Energy Exchange यानी IEX के शेयर में भी जोरदार बिकवाली हुई। कारोबार के दौरान शेयर 28% तक लुढ़क गया। CERC ने बिजली बाजार में चरणबद्ध तरीके से ‘मार्केट कपलिंग’ को मंजूरी दी थी। इसकी शुरुआत जनवरी 2026 से होनी थी। बाजार को डर था कि इससे स्पॉट पावर ट्रेडिंग में IEX की मजबूत स्थिति कमजोर हो सकती है।

