दुकानदारों का बंद हो सकता है यूपीआई, केवाईसी के चलते आरबीआई लेगा निर्णय
मुंबई- देश के लाखों छोटे-बड़े दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों का वेरिफिकेशन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। अगर RBI ने री-केवाईसी की आखिरी तारीख नहीं बढ़ाई, तो लाखों दुकानदारों का ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम बंद हो सकता है। ऑनलाइन पेमेंट लेने में मदद करने वाली कंपनियों ने रिजर्व बैंक से दुकानदारों की री-केवाईसी के लिए तय 15 सितंबर की समयसीमा को आगे बढ़ाने की अपील की है।
इससे जब आप दुकानों, ठेलों या ऑनलाइन कोई सामान खरीदेंगे, तो UPI या कार्ड से पैसे भेजने में दिक्कत आएगी और डिजिटल पेमेंट की सर्विस ठप हो सकती है। पेटीएम-फोनपे जैसी ऑनलाइन पेमेंट कंपनियों का कहना है कि देश भर में लाखों छोटे-बड़े दुकानदारों का वेरिफिकेशन अभी बाकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, QR कोड का इस्तेमाल करने वाले लगभग 30% से 35% छोटे और रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा लगभग 10 लाख छोटे ऑनलाइन बिजनेसेज का भी पेमेंट सिस्टम बंद हो सकता हैं। पेटीएम-फोनपे जैसी कंपनियों के पास छोटे शहरों और गांवों में लाखों की संख्या में साउंड बॉक्स और QR स्टेंडी लगे हुए हैं। इनमें से कई छोटे और रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेता हैं, जिनके पास पूरे पक्के दस्तावेज नहीं हैं।
सख्त नियमों और मौके पर जाकर जांच (फिजिकल वेरिफिकेशन) करने की शर्त के कारण इन तक पहुंचना और डॉक्युमेंट्स जुटाना काफी कठिन हो रहा है। KYC का मतलब है कि ग्राहक या दुकानदार की पहचान और पते की जांच करना। री-KYC का मतलब है उसी जांच को समय-समय पर दोबारा अपडेट करना। धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और काले धन के लेन-देन को रोकने के लिए सरकार दुकानदारों के कागजात फिर से चेक कराती है, ताकि पेमेंट सिस्टम सुरक्षित रहे।

