त्योहारों से पहले चीनी, तेल और प्याज के दाम में बेतहाशा तेजी, आम लोग परेशान
मुंबई- त्योहारों से पहले आम लोगों को जमकर झटका लगा है। चीनी, खाने के तेल और प्याज जैसे रोजाना उपयोग वाली रसोई की चीजों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। चीनी 70 रुपये किलो हो गई है। प्याज 50 रुपये किलो हो गई है। खाने के तेलों के दामों में 20 फीसदी तक की तेजी आई है।
हालांकि, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कमी नहीं है। आने वाले दिनों में फुटकर बाजारों में कीमतें कम होने की उम्मीद है। पिछले एक महीने में चीनी 20% से ज्यादा महंगी होकर ₹60 प्रति किलो तक हो गई है। इसके बाद सरकार ने राहत देने के लिए ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मंजूरी दी थी।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने भी घरेलू सप्लाई को पर्याप्त बताया है। NFCSF के अध्यक्ष प्रकाश नाईकनवरे ने कहा कि फेडरेशन ने 2025-26 सीजन के लिए अपने नेट शुगर प्रोडक्शन के अनुमान को 2.79 करोड़ टन पर बरकरार रखा है। इसमें से करीब 24 लाख टन चीनी इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की गई है। भारत में हर साल करीब 3 करोड़ टन चीनी उत्पादन होता है।
सरकार की गई 31 अक्टूबर की डेडलाइन पर नाईकनवरे ने कहा कि इसमें छूट मिल सकती है। जो शिपमेंट पहले से रास्ते में होंगे, उन्हें तय तारीख के बाद भी आने की अनुमति मिलने की पूरी संभावना है।
उधर, देसी खाद्य तेलों के मुकाबले सस्ता होने की वजह से आगामी त्योहारों के मद्देनजर मांग बढ़ने से बीते सप्ताह सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल जैसे आयातित खाद्य तेलों के दाम मजबूत रहे। कम उपलब्धता के बीच ब्रांडेड कंपनियों की औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण बिनौला तेल के दाम में भी सुधार आया। महंगे दाम के कारण लिवाली प्रभावित रहने से सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन संयंत्रों द्वारा खरीद बढ़ाने के मकसद से खरीद का दाम घटाये जाने के कारण सोयाबीन तिलहन में गिरावट रही। ऊंचे दाम पर मांग प्रभावित रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।

