एचडीएफसी बैंक के शेयर में एक लाख का निवेश इस साल घट कर रह गया 75,000 रुपये
मुंबई- देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशक इस साल रो रहे हैं। इस साल बैंक का शेयर 25% से ज्यादा गिर चुका है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को HDFC Bank का शेयर 991.2 रुपये पर था। 5 अगस्त 2026 तक यह गिरकर 735 रुपये पर आ गया। यानी इस दौरान शेयर में करीब 25.85% की गिरावट आई।
शेयर में गिरावट के कारण HDFC Bank की बाजार पूंजी भी करीब 3.9 लाख करोड़ रुपये घटकर 11.32 लाख करोड़ रुपये रह गई है। इस बीच Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस्टोफर वुड ने भी HDFC Bank से अपना निवेश निकालने की बात कही है।
जून तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के पास HDFC Bank की करीब 41.8% हिस्सेदारी थी। म्युचुअल फंड के पास 30.6% और छोटे निवेशकों के पास करीब 10.32% हिस्सेदारी थी। इससे पता चलता है कि HDFC Bank का शेयर विदेशी निवेशकों, म्युचुअल फंड और छोटे निवेशकों के बीच बड़े पैमाने पर मौजूद है।
जुलाई 2023 में HDFC और HDFC Bank का विलय हुआ था। इसके बाद HDFC Bank का कारोबार और बैलेंस शीट काफी बड़ी हो गई। लेकिन इसके साथ बैंक की मुश्किलें भी बढ़ीं। दरअसल, विलय के बाद बैंक को ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ने लगी। दूसरी तरफ, बैंक के पास कम ब्याज पर मिलने वाली जमा यानी बचत और चालू खातों में जमा पैसे की हिस्सेदारी घट गई। ऐसे में बैंक को ज्यादा ब्याज वाली जमा और दूसरे महंगे तरीकों से पैसा जुटाना पड़ा।
महंगी जमा का सीधा असर बैंक के मुनाफे पर पड़ा है। HDFC Bank का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM घटकर 3.3% से नीचे के स्तर पर आ गया है। आसान भाषा में कहें तो बैंक कर्ज देकर जितना ब्याज कमा रहा है और जमा पर जितना ब्याज चुका रहा है, उनके बीच का अंतर दबाव में है। बैंक का लोन कारोबार बढ़ा, लेकिन उसी रफ्तार से ब्याज से होने वाली कमाई नहीं बढ़ी। इसी वजह से मुनाफे की रफ्तार भी कमजोर रही और शेयर पर दबाव बना।

