टाटा की यह कंपनी हर शेयर पर देगी एक लाख रुपये से ज्यादा का डिविडेंड
मुंबई- देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने सालाना मुनाफे में 22% की तेजी आई है। एयर इंडिया और टाटा डिजिटल को हुए भारी घाटे के बावजूद टाटा संस का प्रॉफिट बढ़ा है। यह बढ़ोतरी निवेश से हुए फायदे और पोर्टफोलियो कंपनियों से हुई बेहतर कमाई की वजह से हुई। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे नुकसान वाले बिजनेस में लगातार निवेश का बचाव करते हुए इसे लंबे समय के लिए रणनीतिक दांव बताया।
टाटा संस ने मार्च 2026 को खत्म हुए साल के लिए स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 31,961 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 26,232 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 9.1% बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये हो गया। बोर्ड ने प्रति शेयर 1,10,717 रुपये का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है।
ग्रुप लेवल पर रेवेन्यू 7.8% बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये और मुनाफा 52% बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये रहा। हालांकि एयर इंडिया टाटा ग्रुप के लिए सबसे बड़ा बोझ बनी रही। कंपनी का FY26 में घाटा बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी तरह टाटा डिजिटल का घाटा भी पिछले साल के 4,610 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,974 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ग्रुप के बैटरी वेंचर Agratas को 1,101 करोड़ रुपये और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को 1,611 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
टाटा डिजिटल के घाटे के बारे में चंद्रशेखरन ने कहा कि भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट तेजी से क्विक कॉमर्स की ओर बढ़ रहा है और बिगबास्केट इसे अपना रही है। टाटा डिजिटल के लक्ष्य बड़े हैं और उनमें प्रगति दिखनी शुरू हो गई है। इस बिजनेस ने चार साल में 46,515 करोड़ रुपये का GMV हासिल किया है, जबकि टाटा न्यू का फोकस अब फाइनेंशियल सर्विसेज, लॉयल्टी और पेमेंट पर है।

