एसआईपी में जमकर आ रहा निवेश, यूपी, हिमाचल और हरियाणा टॉप पर

मुंबई- भारत में म्युचुअल फंड निवेश की कभी शुरुआत मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े वित्तीय शहरों से होती थी, लेकिन अब इसकी नई इबारत छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लिखी जा रही है।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की वित्त वर्ष 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र और दिल्ली के पास इंडस्ट्री के ‘एसेट अंडर मैनेजमेंट’ (AUM) का सबसे बड़ा हिस्सा है, लेकिन कई छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने SIP अपनाने में बढ़त हासिल की है। इन इलाकों में म्युचुअल फंड निवेश का बड़ा हिस्सा अब SIP के जरिए आ रहा है, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक एकमुश्त निवेश के बजाय नियमित, अनुशासित और लंबी अवधि के निवेश को तेजी से अपना रहे हैं।

लक्षद्वीप में कुल म्युचुअल फंड एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का 40% से ज्यादा हिस्सा SIP के माध्यम से जुटाया गया, जो देश में सबसे ज्यादा है। हिमाचल प्रदेश, दादरा और नगर हवेली, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और हरियाणा भी इस मामले में पीछे नहीं रहे। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल म्युचुअल फंड AUM का 40% से ज्यादा हिस्सा SIP के जरिए आया।

इन राज्यों के लोग अब एकमुश्त (लंपसम) निवेश के बजाय हर महीने नियमित निवेश को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो वे छोटी-छोटी बचत को अनुशासित तरीके से निवेश कर लंबे समय में बड़ी संपत्ति बनाने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। छोटे शहरों में म्युचुअल फंड की पहुंच और निवेशकों का आधार महानगरों की तुलना में कम है, इसलिए यहां निवेश में तेज बढ़ोतरी की गुंजाइश ज्यादा है।”

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