जेट फ्यूल स्टॉक के कम होने से उड़ानों पर मंडरा रहा संकट, 6 महीने का स्टॉक

मुंबई- अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहा तो यूरोप में हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है, क्योंकि जेट फ्यूल का स्टॉक (हवाई जहाज के ईंधन के भंडार) तेजी से कम हो रहा है।

बिरोल ने कहा कि यूरोप के पास शायद सिर्फ 6 हफ्तों का जेट फ्यूल बचा है और अगर सप्लाई बाधित रही तो जल्द ही फ्लाइट्स कैंसिल होने लगेंगी। आईईए की इस हफ्ते जारी रिपोर्ट के अनुसार, अगर यूरोप मिडिल ईस्ट से होने वाले अपने कम से कम आधे आयात की भरपाई नहीं कर पाया, तो जून तक हालात और गंभीर हो सकते हैं और स्टॉक खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा।

फातिह बिरोल ने इस स्थिति को अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बताया। उन्होंने कहा कि यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालेगा और जितना लंबा चलेगा, उतना ही आर्थिक विकास और महंगाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

आईईए की रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र से होने वाला निर्यात वैश्विक जेट फ्यूल सप्लाई का सबसे बड़ा स्रोत है। वहीं, कोरिया, भारत और चीन जैसे बड़े निर्यातक देश भी कच्चे तेल के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर हैं, जिससे यह संकट और गहरा हो गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो जेट फ्यूल के लिए एक अहम रास्ता है, पिछले छह हफ्तों से प्रभावी रूप से बंद है। यह स्थिति ईरान द्वारा अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में उठाए गए कदमों के कारण बनी है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। बिरोल ने कहा कि इस संकट का सबसे ज्यादा असर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों पर पड़ेगा। इसके बाद यूरोप और अमेरिका भी इसकी चपेट में आएंगे।

उन्होंने ईरान द्वारा जहाजों से कथित टोल वसूलने की व्यवस्था पर भी चिंता जताई और कहा कि अगर यह आम प्रथा बन गई तो इसके वैश्विक व्यापार पर गंभीर असर हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *