नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, आगजनी तोड़फोड़, कई घायल, सैकड़ों गिरफ्तार
मुंबई- नोएडा सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों के प्रदर्शन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। नोएडा के सेक्टर 84 में प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया है। नोएडा में हुए इस उग्र प्रदर्शन की आंच लखनऊ तक पहुंच गई है। वहीं अब इस प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों के विरोध से बने हालात को संभालने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस मामले को सुलझाने और सभी पक्षों के बीच तालमेल बनाने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। दरअसल, नोएडा में फैक्ट्री मजदूर सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे थे। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गया। कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे हालात बिगड़ गए।
राज्य सरकार के एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, बनाई गई यह समिति गौतम बुद्ध नगर में चल रही औद्योगिक अशांति को खत्म करने के लिए काम करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य आपसी बातचीत और तालमेल के जरिए फैक्ट्रियों का कामकाज बिना रुकावट के सही तरीके से चलाना सुनिश्चित करना है।
निकाला जाएगा रास्ता
अधिकारियों ने यह भी साफ कहा है कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अगर कोई व्यक्ति अपने निजी फायदे या राजनीतिक मकसद से हालात बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर समस्या का सही और शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाएगा। सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।

