अमेजन और फ्लिपकार्ट बुरे फंसी, ED और RBI करेंगे जांच, सरकार ने दिया आदेश
मुंबई-देश में कारोबार कर रही ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका है। खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इनकी जांच करेगा। यह जांच विदेशी निवेश के नियमों के उल्लंघन के मामले में होगी। सरकार ने यह आदेश दे दिया है।
सरकार के इस आदेश से इन दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। इन पर पहले से ही नजर है। सरकार ने कहा है कि रिजर्व बैंक और ED इन कंपनियों पर जरूरी कार्रवाई करें। बता दें कि कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) लंबे समय से इन कंपनियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। इसी मांग के आधार पर सरकार ने यह आदेश दिया है।
कैट का आरोप है कि इन ई-कॉमर्स कंपनियों ने विदेशी निवेश की नीतियों का जमकर उल्लंघन किया है। साथ ही फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट 1999 (फेमा) के नियमों का भी इन कंपनियों ने उल्लंघन किया है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी भरतिया ने कॉमर्स मंत्री पियूष गोयल से कई बार अमेजन और फ्लिपकार्ट की शिकायत की थी। दिसंबर में ही डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने रिजर्व बैंक और ईडी को पत्र जारी कर कार्रवाई करने की आदेश दिया है।
भरतिया ने कहा कि फ्लिमपकार्ट और आदित्य बिरला ग्रुप के बीच हुई डील में सीधे सीधे FDI के नियमों का उल्लंघन हुआ है। कैट ने कहा कि अगले साल पूरे देश के व्यापारी ई-कॉमर्स के खिलाफ व्यापार सम्मान वर्ष मनाएंगे। बता दें कि पिछले कई सालों से लगातार भारी घाटे के बावजूद ई-कॉमर्स कंपनियां लगातार डिस्काउंट पर कारोबार कर रही हैं। अमेजन का घाटा पिछले साल 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा रहा है।
यह कंपनियां लगातार निवेश कर रही हैं और भारतीय कंपनियों के साथ डील कर रही हैं। ऐस में इनकी डील और निवेश पर सवाल उठता रहा है। हाल में अमेजन ने फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस की डील पर भी सवाल खड़ा किया था और मामला कोर्ट में है। भारत में इन ई-कॉमर्स कंपनियों को अब देश की दिग्गज कंपनियी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ टक्कर मिल रही है। रिलायंस ने हाल में ई-कॉमर्स में अच्छी शुरुआत की है।

