ट्रंप की करारी हार से अमेरिकी शेयर बाजार झूमा, डाऊजोंस 1200 अंक टूटा
मुंबई- ट्रंप की करारी हार से अमेरिकी शेयर बाजार जमकर मौज मना रहा है। मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नतीजे स्वीकार करने से बाजार को राहत मिली। चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता खत्म होने के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,200 अंक से ज्यादा उछल गया। S&P 500 में 1.73% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, नैस्डैक कंपोजिट भी 2.16% चढ़ा। ट्रंप की हार के बाद गूगल, एपल, एमेजॉन और माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब 8% तक तेजी देखने को मिली। डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल किया। टेक्सास समेत कई अहम गवर्नर चुनावों में भी पार्टी को जीत मिली। अब डेमोक्रेट्स ट्रंप सरकार की नीतियों पर लगाम लगा सकेंगे।
ट्रंप ने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में कटौती की है। वहीं, उनके टैरिफ और ईरान के साथ युद्ध से महंगाई बढ़ी है। बाजार को उम्मीद है कि संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत मौजूदगी से नीतियों को लेकर संतुलन बनेगा।
ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि वह चुनाव के नतीजे स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल से भी कहा कि वह और रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे।
Freedom Capital Markets के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट जे वुड्स के मुताबिक, बाजार में तेजी की एक वजह चुनाव नतीजों पर राष्ट्रपति का शुरुआती रुख भी रहा। उन्होंने कहा कि आगे भी अनिश्चितता बनी रहेगी, लेकिन सरकार में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बाजार के लिए अच्छी साबित हो सकती है।
चुनाव से पहले निवेशकों को चिंता थी कि डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। आशंका थी कि देशभर में नए डेटा सेंटर बनाने पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं।
टेक्सास में डेमोक्रेट्स की गिना हिनोजोसा की जीत ने इस चिंता को और बढ़ा दिया। उन्होंने राज्य में डेटा सेंटर निर्माण पर तत्काल रोक लगाने का वादा किया है। टेक्सास डेटा सेंटर उद्योग का एक बड़ा केंद्र है।
इतिहास बताता है कि जब अमेरिकी सरकार में दोनों पार्टियों के बीच सत्ता का संतुलन रहता है, तब शेयर बाजार का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। ऐसी स्थिति में बड़े नीतिगत बदलाव और नए नियम लागू करना मुश्किल होता है। Morgan Stanley Investment Management के एंड्रयू स्लिमन ने कहा कि बाजार राजनीतिक गतिरोध को पसंद करता है। उसे किसी एक पार्टी के पास बहुत ज्यादा ताकत होना पसंद नहीं है।

