57 करोड़ रुपये जुटाने उतरी इस कंपनी को मिले 20,000 करोड़ रुपये आवेदन
मुंबई- शेयर बाजार में प्राइमरी मार्केट का जलवा बरकरार है। अंडरवाटर पेलेटाइजिंग सिस्टम के कंपोनेंट्स बनाने वाली प्रीसिजन इंजीनियरिंग कंपनी मैक्सवेल इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस के आईपीओ पर निवेशकों ने छप्परफाड़ बोलियां लगाई हैं। 3 नवंबर को बिडिंग के आखिरी दिन यह आईपीओ 491.39 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम बंपर लिस्टिंग का इशारा कर रहा है।
कंपनी के आईपीओ को हर कैटेगरी के निवेशकों का भारी समर्थन मिला। इसमें कुल 5.06 लाख अप्लीकेशन मिले। 26.24 लाख शेयर जारी हुए थे और 128.94 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। यानी 20,372 करोड़ रुपये के लिए एप्लीकेशन मिली जबकि कंपनी को केवल 57 करोड़ रुपये जुटाने थे।
लिस्ट होने के बाद इसका मार्केट कैप 216 करोड़ रुपये होगा। नॉन-इंसटीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(NII) में सबसे ज्यादा 858 गुना बोली आई। रिटेल निवेशकों का कोटा 556 गुना भरा। कंपनी ने ₹150 से ₹158 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
कंपनी ने आईपीओ खुलने से ठीक पहले 29 अक्टूबर को एंकर बुक के जरिए ₹16.17 करोड़ जुटा लिए थे। एंकर बुक में फॉर्च्यून हैंड्स ग्रोथ फंड, सांशी फंड, सनराइज इंडिया ग्रोथ ट्रस्ट, नोवा ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड और फिनवेव ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
चूंकि यह एक एनएसई एसएमई आईपीओ है, इसलिए रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम एप्लीकेशन 2 लॉट (यानी कुल 1,600 शेयर) की है, जिसमें कुल ₹2,52,800 का निवेश होता है। अगर ग्रे मार्केट में 50% प्रीमियम के हिसाब से लिस्टिंग होती है, तो 1,600 शेयरों पर निवेशकों को लिस्टिंग वाले दिन सीधे ₹1,26,400 तक का बंपर मुनाफा हो सकता है।

