मुंबई का टर्मिनल-1 अब 25 अक्तूबर से होगा बंद, नई मुंबई जाएंगी उड़ानें
मुंबई- मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 अब 25 अक्तूबर से बंद हो जाएगा। जनवरी 2027 से पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा। दरअसल, एयरपोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर चल रही खींचतान के बीच एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) और अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी हैं।
84 साल पुराने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (T1) के पुनर्विकास के लिए 265 उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया जाएगा। मुंबई एयरपोर्ट से सालाना लगभग 5.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं। इनमें से सिर्फ 50 लाख यात्रियों (लगभग 9 प्रतिशत) के लिए कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित होगा।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 (T1) का रेनोवेशन जनवरी 2027 में शुरू करने वाली है। इसलिए एयरलाइंस से कहा गया है कि वे 25 अक्टूबर से अपनी एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बंद कर दें या उन्हें नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट कर दें। दोनों एयरपोर्ट अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के अधीन हैं।
अदाणी समूह ने विमानन कंपनियों से कहा है कि वे कुल 770 अंतरराष्ट्रीय साप्ताहिक उड़ानों में से 265 उड़ानों को 25 अक्टूबर तक नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित कर लें। इसकी वजह यह है कि पुराने एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को जनवरी से तोड़ा जाएगा, ताकि उसका पुनर्निर्माण किया जा सके।
सबसे ज्यादा कटौती इंडिगो की उड़ानों में होगी। उसकी हर हफ्ते संचालित होने वाली 224 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 74 पर असर पड़ेगा। इसके बाद एयर इंडिया का स्थान है, जो अपनी 100 उड़ानों में से 33 को दूसरी जगह स्थानांतरित करेगी। अकासा एयर की 32 उड़ानों में से 11 को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि एतिहाद एयरवेज और अमीरात अपनी-अपनी 28 उड़ानों में से 10-10 को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करेंगी।
अभी टर्मिनल-1 से घरेलू उड़ानों का संचालन होता है, जबकि टर्मिनल-2 मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संभालता है। टर्मिनल-1 के बंद होने के बाद ज्यादातर घरेलू यात्री टर्मिनल-2 पर आएंगे। ऐसे में वहां जगह उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाली सुविधाएं घरेलू एयरलाइंस को दी जाएंगी।
T1 के ढांचे की हालत को लेकर चिंताएं लगभग एक दशक पुरानी हैं। 2017 में T1B के स्ट्रक्चरल ऑडिट में कुछ हिस्सों में गंभीर खराबियां पाई गई थीं। इनमें जंग लगना, कंक्रीट का झड़ना, अंदर का सरिया (रीइन्फोर्समेंट) बाहर दिखाई देना और टूटना तथा दरारें शामिल थीं। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रभावित हिस्से गंभीर चिंता का कारण बन सकते हैं और उन्हें गिराने की सलाह दी गई थी।

