पूर्व होम सेक्रेटरी से लेकर दर्जनों आईएएस अधिकारी लगे अदाणी की सेवा में
मुंबई- देश के अलग-अलग राज्यों के कैडर के दर्जनों आईएएस और आईआरएस अधिकारी सरकारी विभागों से रिटायर होने के बाद अदाणी समूह की विभिन्न कंपनियों में सेवा दिए हैं। कई तो अभी भी सेवा में बने हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से कई ने वीआरएस लेकर तुरंत अदाणी समूह जॉइन किया और कई रिटायर होने के बाद तुरंत समूह में चले गए।
वी सुब्रमण्यम 1971 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वे अदाणी एंटरप्राइजेज में 2016 से अगस्त 2026 तक स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। विजयालक्ष्मी जोशी 1980 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वे पंचायती राज की सचिव रही हैं। वे 2016 में अदाणी एंटरप्राइज में स्वतंत्र निदेशक बनीं और अभी तक कंपनी में बनी हैं। नरेंद्र मैरपैडी 2010 से 2014 तक इंडियन ओवरसीज बैंक के चेयरमैन एवं एमडी रहे हैं और बैंक ऑफ इंडिया में ईडी रहे हैं। वे अदाणी एंटरप्राइजेज में नवंबर, 2023 तक स्वतंत्र निदेशक रहे हैं।
एमवी भानुमती 1987 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। वे अदाणी पोर्ट्स में स्वतंत्र निदेशक हैं। नीरज बंसल आईआरएस रहे हैं और इनकम टैक्स के कमिश्नर रहे हैं। वे 2021 में वीआरएस लेकर अदाणी पोर्ट के सीईओ बन गए। पीके पुजारी 1981 बैच के आईएएस रहे हैं जो पावर विभाग के सचिव रहे हैं। वे अदाणी पोर्ट में स्वतंत्र निदेशक हैं। राजकुमार बेनीवाली 2004 बैच के आईएएस हैं। वे गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के सीईओ रहे हैं। अभी वे सरकार में हैं। वे अदाणी पोर्ट्स में जीएमबी नॉमिनी थे और इसी साल जनवरी में इस्तीफा दे दिया।
जीके पिल्लई पूर्व होम सेक्रेटरी हैं। वे अदाणी पोर्ट में स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। मीरा शंकर आईएफएस अधिकारी हैं और अमेरिका में भारत की राजदूत रही हैं। वे अदाणी एनर्जी में जून 2025 तक स्वतंत्र निदेशक रही हैं। के जयराज 1976 बैच के आईएएस हैं और 2025 जून तक अदाणी एनर्जी में स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। चंद्रा अयंगार 1973 बैच के आईएएस हैं। वे अदाणी पावर, अदाणी टोटल गैस और अदाणी एनर्जी में स्वतंत्र निदेशक रहे हैं।
डॉ. अमिया चंद्रा पीएमओ में रहे हैं और वे जुलाई 2025 तक अदाणी एनर्जी में स्वतंत्र निदेशक थे। दीपक अमिताभ 1984 बैच के आईआरएस रहे हैं और पीटीसी इंडिया के सीएमडी रहे हैं। वे अदाणी पावर के एनर्जी सेल्स के सीईओ रहे हैं। रामिंदर सिंह गुजरात आईएएस अधिकारी रहे हैं और फाइनेंस सेक्रेटरी रहे हैं। वे अदाणी पावर में स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। अदाणी ग्रीन एनर्जी में स्वतंत्र निदेशक अभी भी हैं।
शशि शंकर ओएनजीसी के पूर्व सीएमडी रहे हैं और अदाणी टोटल गैस के स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। सुशील कुमार रुंगटा भी सरकारी कंपनी सेल के पूर्व चेयरमैन रहे हैं और नवंबर 2025 तक अदाणी पावर में स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। यूके सिन्हा आईएएश अधिकारी रहे हैं और सेबी के साथ यूटीआई के चेयरमैन रहे हैं। वे मार्च 2023 तक एनडीटीवी के स्वतंत्र निदेशक रहे हैं।
दिनेश कुमार मित्तल 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं यूपी कैडर के, वे वित्तीय सेवा विभाग के सचिव रहे हैं। वे जून 2023 तक एनडीटीवी के स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। सुनील कुमार 1979 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव हैं। वे भी एनडीटीवी में स्वतंत्र निदेशक रहे हैं। अमन कुमार भी आईआरएस अधिकारी हैं और वे छत्तीसगढ़ के भाजपा सीएम रमन सिंह के पूर्व प्रधान सचिव रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ में ईओडब्वल्यू की जांच के चलते एनडीटीवी से इस्तीफा दे दिए। वे गौतम अदाणी की ऑफिस के सचिव रहे हैं।

