एक साल में एचडीएफसी समूह के शेयरों में निवेशकों के डूबे 4.38 लाख करोड़ रुपये
मुंबई- पिछले एक साल में HDFC ग्रुप के शेयरों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। ग्रुप की चार प्रमुख लिस्टेड कंपनियों ने मिलकर पिछले 12 महीनों में करीब 4.38 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू गंवाई है। देश के सबसे मजबूत फाइनेंशियल ब्रांड्स में गिने जाने वाले इस ग्रुप पर सुस्त ग्रोथ, गिरते मार्जिन और वैल्यूएशन के दबाव का सीधा असर पड़ा है।
एचडीएफसी बैंक का शेयर 1 साल में 26% तक गिरा है, जिससे निवेशकों के 3.73 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बैंक का मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये से घटकर 11 लाख करोड़ रुपये से नीचे पर आ गया है। इस समय इसका शएयर 712 रुपये पर आ गया है जो एक साल का निचला स्तर है।
साल 2023 में पैरेंट कंपनी HDFC के साथ एचडीएफसी लिमिटेड के हुए विलय के बाद बैंक की बैलेंस शीट तो बड़ी हुई, लेकिन फंड की लागत बढ़ गई और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 3.26% रह गया। यह विलय से पहले 4% के करीब था मार्जिन सुधारने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है। क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो बढ़ने के कारण बैंक को महंगे डिपॉजिट और कर्ज पर निर्भर होना पड़ा है। दुबई में AT1 बॉन्ड की बिक्री और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी कुछ चर्चाओं ने भी शेयर को प्रभावित किया।
इसी तरह से समूह की लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एचडीएफसी लाइफ का शेयर सबसे खराब प्रदर्शन किया है। इसका शेयर 29 प्रतिशत टूटा है यानी मार्केंट कैप में 48,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। कंपनी की ग्रोथ काफी कमजोर रही है। जून तिमाही में इंडिविजुअल एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) में सिर्फ 7% YoY की बढ़त हुई।
HDFC AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में भी गिरावट आई। HDFC AMC के शेयर में एक साल में 7% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मार्केट वैल्यू में 8,649 करोड़ रुपये की कमी आई। वहीं HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर पिछले एक साल में शेयर 13% टूटा है और मार्केट वैल्यू में 8,458 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।

