एचडीएफसी बैंक पर अमेरिका में केस, एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया शेयर
मुंबई- देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक फिर मुसीबत में फंस गया है। अमेरिका में बैंक और इसके सीनियर अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा हुआ है। इससे इसके शेयरों में भारी गिरावट दिखी है।
बैंक पर भ्रामक डिस्क्लोजर्स और गवर्नेंस से जुड़ी खामियों के जरिए अमेरिकी सिक्योरिटीज मार्केट के कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। निवेशक ज्वलंत नटवरलाल सोनेजी ने 13 अगस्त को न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में बैंक और इसके दो सीनियर अधिकारियों के खिलाफ सिक्योरिटीज फ्रॉड का क्लास-एक्शन केस दर्ज कराया है। यह केस उन निवेशकों की तरफ से किया गया है जिन्होंने 17 जुलाई, 2023 और 26 मई, 2026 के बीच एचडीएफसी बैंक की सिक्योरिटीज खरीदे थे। इसमें आरोप लगाया है कि बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को जो पेमेंट किया, उसे मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया। आरोपों के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया ताकि बाकी डिपॉजिटर्स की तुलना में अधिक ब्याज दिया जा सके।
एचडीएफसी बैंक के एक प्रवक्ता का कहना है कि शेयर प्राइस गिरने के बाद अमेरिका में शेयरहोल्डर्स के ऐसे केस आम बात हैं और अमेरिका में लिस्टेड कई कंपनियों को हर साल ऐसे मुकदमों का सामना करना पड़ता है। प्रवक्ता का कहना है कि जो आरोप लगाए हैं, उनमें कोई दम नहीं है और बैंक मजबूती से अपना बचाव करेगा।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,020.35 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.42% फिसलकर 27 अगस्त 2026 को ₹710.00 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

