आईपीओ ला रही स्काईवेज पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप, EOW कर रही जांच

मुंबई- अगले हफ्ते अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने जा रही स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड ने निवेशकों के लिए कुछ बड़े जोखिमों का खुलासा किया है। कंपनी और उसकी एक सहायक कंपनी के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसे गंभीर आरोपों की जांच कर रही है।

कंपनी ने यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा कराए गए अपने आधिकारिक दस्तावेजों में दी है। यह पूरा मामला ब्रिटेन की पीजी पेपर कंपनी लिमिटेड की एक शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के आधार पर दिल्ली की EOW ने 12 दिसंबर, 2025 को एक FIR (नंबर 0172/2025) दर्ज की थी, जिसमें स्काईवेज एयर सर्विसेज को आरोपी नंबर 3 और उसकी सब्सिडियरी ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स लिमिटेड को आरोपी नंबर 2 बनाया गया है।

पीजी पेपर ने आरोप लगाया है कि स्काईवेज समूह की कंपनियों ने मिलीभगत कर माल ढुलाई का काम हासिल किया। शिकायत के मुताबिक, इसके लिए बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाने, कथित रिश्वतखोरी और गलत जानकारी देने जैसे तरीके अपनाए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि 2021 से इन कंपनियों के जरिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ, जिससे उन्हें कम से कम 44.20 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ। आरोप यह भी है कि माल ढुलाई की दरें बाजार भाव से 40% से लेकर 300% तक ज्यादा वसूली गईं।

इस FIR के चलते कंपनी पर रेगुलेटरी कार्रवाई का खतरा भी मंडरा रहा है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 14 मई, 2026 को कंपनी के ‘ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर-एलओ’ (AEO-LO) सर्टिफिकेट को निलंबित करने और रद्द करने का नोटिस जारी किया था। नतीजतन, 4 मई, 2026 से कंपनी का यह स्टेटस रद्द है। स्काईवेज ने इस मामले में 28 जुलाई, 2026 को अपना जवाब दाखिल किया था, लेकिन मामला अभी भी लंबित है। कंपनी ने इस मुद्दे पर IANS के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

स्काईवेज एयर सर्विसेज का IPO निवेशकों के लिए 24 अगस्त से 27 अगस्त तक खुलेगा। इसके लिए प्राइस बैंड 131-138 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस इश्यू में 2.89 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 1.33 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *