यूपी में लखनऊ और नोएडा से महंगा हुआ वाराणसी, जमीन के भाव आसमान पर
मुंबई- रियल एस्टेट की कीमतों में लखनऊ और नोएडा को पीछे छोड़ते हुए वाराणसी उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा शहर बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी को अपना संसदीय क्षेत्र चुने जाने और काशी-विश्वनाथ कॉरिडॉर खुलने के बाद यहां अभूतपूर्व विकास हुआ है।
काशी में आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की मांग तेजी से बढ़ने के कारण वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने नई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार मुख्य शहर की भीड़भाड़ कम करने के लिए जरूरी है कि विकास केंद्र अब काशी के कस्बाई क्षेत्रों में तैयार हों। इस शहर को विरासत के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे का मेल कराने वाले आदर्श शहर के रूप में विकसित कराने की परिकल्पना प्रधानमंत्री ने की है। साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनियोजित शहरी विकास के निर्दश दिए हैं।
वीडीए ने इसी के अनुरूप लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी दी है। पहली बार लागू इस नीति के तहत अब तक 60 एकड़ से अधिक भूमि इकट्ठी की जा चुकी है। इसके साथ ही कल्लीपुर में आनंद काशी, मढ़नी में रुद्र विहार और गंजारी में स्पोर्ट्स सिटी जैसी टाउनशिप परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जो 500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हैं। इन्हें चरणों में तैयार किया जा रहा है ताकि आवास तथा व्यवसाय के लिए सुनियोजित स्थान प्रदान किए जा सकें। साथ ही उन्हें मुख्य शहर की भीड़भाड़ से दूर नए विकास केंद्र बनाने का भी मकसद है।
अधिकारियों ने बताया कि यह नीति आयोग द्वारा काशी-विंध्य क्षेत्र के लिए तैयार की गई क्षेत्रीय विकास योजना की तर्ज पर ही किया जा रहा है। आयोग ने इस क्षेत्र में अलग-अलग थीम पर 10 नई टाउनशिप बनाने का सुझाव दिया है। इन सभी टाउनशिप में काशी थीम होगी और सांस्कृतिक प्रासंगिकता एवं शहर की पहचान बनाए रखने के लिए सेक्टरों के नाम वैदिक नामों के आधार पर रखे जाएंगे।
वीडीए की बड़ी टाउनशिप परियोजनाएं आनंद काशी, रुद्र विहार और स्पोर्ट्स सिटी भी ऐसे डिजाइन की गई हैं, जिससे उनमें विभिन्न प्रकार के आवासों का मिश्रण हो और नया विकास केवल प्रीमियम वर्ग तक सीमित नहीं रहे।

