मुनाफा बढ़ने के बाद भी पेटीएम का शेयर 4% टूटा, बोनस शेयर का प्लान टला
मुंबई- वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद पेटीएम के शेयरों में बड़ी गिरावट रही। बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजी आई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह गिर गया। ये 3.86% नीचे ₹1295 पर बंद हुआ।
विजय शेखर शर्मा की अगुआई वाली कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। लेकिन बोनस शेयर टलने की खबर से बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
कंपनी के शेयर ने बीते 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया है। हालांकि, मार्केट डेब्यू के करीब 5 साल बाद भी यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹2,150 से नीचे है। 30 जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में ऑपरेशन्स से पेटीएम का रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1,918 करोड़ था। वहीं कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में पेटीएम को ₹123 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, मार्च तिमाही में ₹183 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
पेटीएम के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी ‘पेटीएम मनी’ में राइट्स इश्यू के जरिए ₹100 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी में निवेश, रेगुलेटरी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और कंपनी के इन्वेस्टमेंट व वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस के विस्तार के लिए किया जाएगा।
कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ से मिली अनयूज्ड ₹1,686 करोड़ की बची हुई रकम के इस्तेमाल और उसकी समय-सीमा में बदलाव का प्रस्ताव भी पास किया है। बोर्ड ने इस रकम के उपयोग का समय बढ़ाकर 31 मार्च 2029 तक करने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेने का फैसला किया है।

