भानवी सिंह बनाम राजा भैया : केस की सुनवाई से कोर्ट ने हाथ खड़े कर दिए

मुंबई- उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कुंडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार सात बार के विधायक कुँवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है।

शीर्ष अदालत ने राजा भैया की पत्नी द्वारा उनके खिलाफ दायर की गई घरेलू हिंसा (Domestic Violence) की याचिका को निपटाते हुए (Disposed off) यह व्यवस्था दी है कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नहीं की जा सकती, जो कि सांसदों और विधायकों (MPs/MLAs) के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से नामित अदालत है।

राजा भैया के पक्ष की ओर से अदालत में मुख्य दलील यह दी गई कि सांसदों और विधायकों के लिए विशेष कोर्ट के गठन का मूल उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों से जुड़े आपराधिक मामलों (Criminal Cases) का तेजी से निपटारा करना है। याचिका में स्पष्ट किया गया कि घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) के तहत की जाने वाली कार्यवाही मुख्य रूप से दीवानी (Civil) प्रकृति की होती है, न कि आपराधिक।

घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 27 (Section 27) के कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए दलील दी गई कि इस मामले की सुनवाई का सही क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार केवल साकेत कोर्ट के पास है, न कि राउज एवेन्यू कोर्ट के पास। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए माना कि वर्तमान में राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही यह सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकती।

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