अब डॉलर की तुलना में रुपये में एफपीआई का होगा फीस का पेमेंट, बदले नियम

मुंबई- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) नियमों में बदलाव करते हुए शुल्क भुगतान की व्यवस्था को अमेरिकी डॉलर की जगह भारतीय रुपये में कर दिया है। यह बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और विदेशी वेंचर कैपिटल निवेशकों (FVCI) दोनों पर लागू होगा। नए नियम छह महीने बाद प्रभावी होंगे, ताकि विदेशी निवेशकों को नई व्यवस्था अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

FPI नियमों के रेगुलेशन 43B(2) में 1,000 अमेरिकी डॉलर की जगह अब 90,000 रुपये (समतुल्य विदेशी मुद्रा में) शुल्क निर्धारित किया गया है। सेबी ने कैटेगरी-I FPI और FVCI के रजिस्ट्रेशन शुल्क को 2,500 डॉलर से बदलकर 2.3 लाख रुपये कर दिया है। इसी तरह, देरी से भुगतान (लेट फीस) और कंटिन्यूएंस फीस में भी संशोधन किया गया है।

भारत में FPI के लेनदेन संभालने वाले डिजिग्नेटेड डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DDPs) को रजिस्ट्रेशन मिलने के पांच कार्य दिवस के भीतर यह शुल्क सेबी को जमा कराना होगा। कम्प्लायंस और ऑपरेशंस को आसान बनाने के लिए FPI रजिस्ट्रेशन के कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म में अब जन्म तिथि या कंपनी के गठन की तिथि भी शामिल की जाएगी। इसका मकसद मार्च में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी नई अधिसूचना के बाद PAN आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

सेबी को वित्त वर्ष 2025-26 में FPI और FVCI से रजिस्ट्रेशन, कंटिन्यूएंस और अन्य शुल्क के रूप में 1.298 करोड़ अमेरिकी डॉलर (12.98 मिलियन डॉलर) प्राप्त हुए। इस राशि में GST भी शामिल है।

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