इंडसइंड बैंक को 533 करोड़ रुपये का फायदा, भारी डिविडेंड देने का हुआ एलान
मुंबई- इंडसइंड बैंक फिर से प्रॉफिट में आ गया है। बैंक को 533 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ। बैंक ने मार्च तिमाही में कम प्रोविजनिंग किया है। एसेट क्वालिटी में भी इम्प्रूवमेंट दिखा है।
बैंक का मार्च तिमाही का मुनाफा एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा है। एनालिस्ट्स ने 389 करोड़ रुपये मुनाफा का अनुमान लगाया था। एक साल पहले की मार्च तिमाही में बैंक इंडसइंड बैंक को बड़ा नुकसान हुआ था। इसकी बड़ी वजह बैंक के इनटर्नल डेरिवेटिव्स की अकाउंटिंग में गड़बड़ी थी। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 1.5 रुपये के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।
बैंक ने कहा है कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 26 जून होगी। बैंक का प्रोविजनिंग मार्च तिमाही में साल दर साल आधार पर 38.6 फीसदी कम रहा। बैंक के बैड लोन में भी कमी दिखी। यह मार्च के अंत में घटकर 3.43 फीसदी पर आ गया। दिसंबर तिमाही के अंत में यह 3.56 फीसदी था।
पिछले साल डेरिवेटिव ट्रेड से जुड़ी अकाउंटिंग में गड़बड़ी का पता चलने के बाद बैंक में गवर्नेंस को लेकर कई सवाल उठे थे। बैंक में यह गड़बड़ी करीब 2,000 करोड़ रुपये थी। मामला सामने आने के बाद बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया और डिफ्टी चीफ अरुण खुराना सहित कई सीनियर अधिकारियों को इस्तीफा देना पड़ा था।
बीते एक महीने में यह शेयर 6.62 फीसदी चढ़ा है। 12 जनवरी, 2024 को यह शेयर 1,674 रुपये था। उसके बाद इसमें लगातर गिरावट आई है। डेरिवेटिव्स अकाउंटिंग में मिस-कैलकुलेशन का पता चलने के बाद बैंक का शेयर गिरकर 28, मार्च 2025 को गिरकर 649 रुपये पर आ गया था।

