प्राइवेट हॉस्पिटल्स की मनमानी पर लगाम, अंधाधुंध बिलिंग के खिलाफ कार्रवाई

मुंबई- प्राइवेट हॉस्पिटल्स की अंधाधुंध बिलिंग के खिलाफ सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। सरकार सीरिंज,ग्लव्स,केन्यूला जैसे बेसिक आइटम्स से लेकर पेसमेकर, हार्ट वॉल्व जैसे मेडिकल डिवाइसेज के ट्रेड मार्जिन पर कैप लगाने पर विचार कर रही है ताकि मेडिकल बिल में हॉस्पिटल्स एक तय मार्जिन से ज्यादा किसी भी मरीज से कीमत न वसूल सकें।

सरकार प्राइवेट हॉस्पिटल्स की ओवरचार्जिंग से नाराज है। बिल में क्रिटिकल मेडिकल डिवाइसेज की ओवरचार्जिंग हो रही है। सीरिंज और केन्यूला जैसे आइटम्स पर मनमानी कीमत वसूली जा रही है। प्राइवेट हॉस्पिटल इनकी 10 से 30 गुना ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं। ऐसे में जरूरी मेडिकल डिवाइसेज के ट्रेड मार्जिन पर कैप लग सकता है। इसमें पेसमेकर्स और हार्ट वॉल्व समेत एक दर्जन आइटम्स शामिल हो सकते हैं।

आमतौर एक सीरिंज की कास्टिंग 3 रुपए होती है। उसकी हॉस्पिटल्स में करीब 30 रुपए तक बिलिंग की जाती है। इसी तरह आईवी कैनुलर्स महज 6 रुपए के होते हैं लेकिन इसकी बिलिंग 120 रुपए तक की जाती है। पेसमेकर जो 25,000 रुपए का आता है उसकी बिलिंग 2 लाख रुपए तक की जाती है। हार्ट वॉल्व जो इंपोर्ट किया जाता ओर आमतौर पर 4 लाख रुपए का आता है उसकी बिलिंग 26 लाख रुपए तक की जाती है

इस पर मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री और बीमा कंपनियों के सुझाव पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर विचार कर रहा है। लागत का निश्चित ट्रेड मार्जिन फिक्स करने पर चर्चा हो रही है। इसके जरिए ट्रेड मार्जिन कैप करके हॉस्पिटल्स के बिल में पारदर्शिता लाने की कोशिश की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *