गांवों में दूसरा सिलिंडर 45 दिन बाद मिलेगा, इंडेक्शन की कीमत अब जमकर बढ़ी
मुंबई- अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। बिहार के कई शहरों में 1000 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर के लिए ₹1800 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में 1900 का कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4000 में बिक रहा है।
उधर, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स ने इंडक्शन पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे बाजार में इंडक्शन की डिमांड भी बढ़ गई है। जयपुर के जयंती बाजार, एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि जयपुर में महीने के 2500 से 3000 इंडक्शन बिकते थे। इनकी डिमांड अब 50% तक बढ गई है।
ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का नियम बदल दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ससंद में बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद ही मिलेगा। यानी दो सिलेंडरों के बीच अब कम से कम 45 दिन का अंतर रखना जरूरी होगा।
अभी मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,910 रुपए है, लेकिन भोपाल के बरखेड़ा पठानी में गैस एजेंसी पर खुलेआम इसे ₹4 हजार में बेचा जा रहा है। गैस सिलेंडर की किल्लत होने से 900 रुपए का घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में 1700 से 1800 रुपए तक बेचा जा रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर जिसकी सामान्य कीमत 2100 रुपए है, ब्लैक में इसके 5000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है।

