इन्फोसिस का फायदा 6 पर्सेंट बढ़ा, हर शेयर पर मिलेगा 26 रुपये का डिविडेंड
मुंबई- IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में ₹49,244 करोड़ का रेवेन्यू किया है। ये पिछले साल इसी समय हुए ₹44,490 करोड़ के रेवेन्यू से 11% ज्यादा है। कंपनी को ₹7,823 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि में ₹7,364 करोड़ रहा था।
इंफोसिस के रेवेन्यू में मजबूती का मुख्य कारण करीब 50 हजार करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बड़ी डील्स का मिलना है। इसमें 62% नए बिजनेस से आए और एक करीब 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मेगा-डील शामिल है। कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान बढ़कर 10.5% हो गया है।
कंपनी निवेशकों को हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड भी देगी। इसका शेयर इस समय 1154 रुपए के आस पास है। यह शेयर इस साल 29 पर्सेंट टूट चुका है। हाल में यह 900 रुपये तक चला गया था। इस दौरान निफ्टी 50 में करीब 13% की गिरावट आई है, यानी इंफोसिस का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। इंफोसिस का मार्केट कैप लगभग ₹4.78 लाख करोड़ है।
इंफोसिस ने जुलाई से सितंबर के बीच यानी दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में 4,480 नए कर्मचारी हायर किए हैं। कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 3,32,542 हो गई है। नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर यानी एट्रिशन रेट थोड़ा घटकर 12.7% रहा है, जो पहले 13% था। इस तिमाही (Q2) में इंफोसिस ने कॉलेज से पास-आउट हुए 8,000 से ज्यादा नए फ्रेशर्स को नौकरी दी है।
कंपनी ने इस पूरे साल में कुल 20,000 नए फ्रेशर्स को नौकरी देने का टारगेट रखा है। पहली छमाही (H1) में कंपनी 12,000 से ज्यादा नए युवाओं को नौकरी देकर अपने टारगेट का आधे से ज्यादा हिस्सा पूरा कर चुकी है।

