आरआर काबेल, टाइटन और मॉयल के शेयरों में मिल सकता है 52 पर्सेंट फायदा
मुंबई- गिरते बाजार में भी कुछ शेयर ऐसे हैं जिनमें अच्छा फायदा मिल सकता है। नुवामा ने RR काबेल को खरीदने की सलाह दी है। मोतीलाल ओसवाल ने टाइटन पर खरीदारी की सलाह दी है। एंटीक ने मॉयल पर बाय रेटिंग बरकरार रखी है। मॉयल के लिए रिपोर्ट में दिए भाव से करीब 52 फीसदी तेजी की संभावना बनती है।
नुवामा के मुताबिक, RR काबेल देश के केबल और वायर उद्योग की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी और भारत की सबसे बड़ी निर्यातक है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस उद्योग का आकार करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये था। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच केबल और वायर उद्योग लगभग 19 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ सकता है।
RR काबेल घरेलू बाजार और निर्यात, दोनों में खासकर केबल कारोबार के अवसरों का फायदा उठाने की स्थिति में है कंपनी ने वित्त वर्ष 2018-19 से 2025-26 के दौरान इस उद्योग में राजस्व और ब्याज व कर से पहले की कमाई में सबसे मजबूत वृद्धि करने वाली कंपनियों में जगह बनाई है।
नुवामा ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच RR काबेल के राजस्व में 23 फीसदी, एबिटडा में 32 फीसदी और शुद्ध मुनाफे में 34 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि का अनुमान दिया है। ब्रोकरेज ने सितंबर 2027 के लिए 3,310 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह सितंबर 2028 की अनुमानित प्रति शेयर कमाई के 34 गुना मूल्यांकन पर आधारित है।
टाइटन के सितंबर तिमाही के कारोबारी अपडेट के मुताबिक, कंपनी के उपभोक्ता कारोबार में करीब 25 फीसदी सालाना वृद्धि हुई। तिमाही के दौरान कंपनी ने शुद्ध रूप से 78 नए स्टोर जोड़े। इसके साथ कुल खुदरा नेटवर्क 3,758 स्टोर का हो गया। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, आभूषण कारोबार की वृद्धि अनुमान से कम रही। हालांकि, घड़ियों और चश्मों सहित दूसरे कारोबारों ने मजबूत प्रदर्शन किया।
कंपनी का कुल आभूषण कारोबार करीब 21 फीसदी बढ़ा। तनिष्क, मिया, जोया और बियॉन सहित घरेलू आभूषण कारोबार में 20 फीसदी वृद्धि हुई। यह ब्रोकरेज के 28 फीसदी अनुमान और जून तिमाही की 38 फीसदी वृद्धि से कम रही। दूसरी ओर, कैरेटलेन का राजस्व 32 फीसदी बढ़ा, जो 28 फीसदी के अनुमान से ज्यादा था। जून तिमाही में इसकी वृद्धि 40 फीसदी थी।
घड़ियों के कारोबार में लगभग 30 फीसदी वृद्धि हुई। यह मोतीलाल ओसवाल के 10 फीसदी अनुमान और जून तिमाही की 21 फीसदी वृद्धि से बेहतर रही। महंगी घड़ियों की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान से एनालॉग घड़ियों की बिक्री लगभग 30 से 33 फीसदी बढ़ी। स्मार्टवॉच में भी सुधार हुआ और बिक्री करीब सात से नौ फीसदी बढ़ी। इस कारोबार में 34 स्टोर जुड़े और कुल संख्या 1,379 हो गई। चश्मों के कारोबार में करीब 28 फीसदी वृद्धि हुई। ब्रोकरेज का अनुमान 15 फीसदी था, जबकि जून तिमाही में वृद्धि 21 फीसदी रही थी।
एंटीक ने मॉयल (MOIL- मैंगनीज ओर (इंडिया) लिमिटेड) पर बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए 363 रुपये का टारगेट दिया है। रिपोर्ट में दिए 239 रुपये के भाव से यह करीब 51.9 फीसदी ऊपर है। यह संभावित बढ़त है, सुनिश्चित रिटर्न नहीं। मॉयल भारत की सबसे बड़ी मैंगनीज अयस्क उत्पादक है।मार्च 2026 तक कंपनी के पास करीब 12.7 करोड़ टन का कुल संसाधन और भंडार आधार था। इसमें 5.33 करोड़ टन अयस्क भंडार शामिल था, जो लंबे समय तक खनन की संभावना देता है। रॉयल्टी को छोड़कर कंपनी की उत्पादन लागत करीब 5,500 रुपये प्रति टन है। ब्रोकरेज के मुताबिक, लागत के लिहाज से यह उद्योग की सबसे कम लागत वाली एक-चौथाई कंपनियों में शामिल है।
भारत में मैंगनीज अयस्क की मांग कैलेंडर वर्ष 2030 तक सालाना 1.1 करोड़ टन पहुंचने का अनुमान है। मॉयल वित्त वर्ष 2029-30 तक सालाना 35 लाख टन उत्पादन और लगभग 32 फीसदी बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य रखती है। इससे आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की पर्यावरण मंजूरी वाली क्षमता करीब 33 लाख टन सालाना थी। प्रबंधन इसे वित्त वर्ष 2029-30 तक 50 लाख टन करने का लक्ष्य रखता है।

