कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का फायदा 7 गुना बढ़ा, आईपीओ में चौंकाने वाली जानकारी
मुंबई- कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का आईपीओ 8 सितंबर से खुलेगा। कंपनी ने इसके लिए 601 से 632 रुपये का भाव तय किया है। आईपीओ 10 सितंबर को बंद होगा। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी का फायदा पिछले तीन सालों में 7 गुना उछलकर 129.70 करोड़ रुपये गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह केवल 17.7 करोड़ रुपये था।
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स ने बताया कि FY24 में आय 276.60 करोड़ रुपये रही, जो FY26 में बढ़कर 653.83 हो गई। इस लिहाज से 2 साल में कंपनी की आय में करीब 2.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। जबकि नेट प्रॉफिट में 7 गुना बढ़त का दावा है। FY24 से FY26 के दौरान नेट प्रॉफिट 17.70 करोड़ रुपये से बढ़कर 129.70 करोड़ रुपये हो गया ।
नए शेयरों से मिलने वाले ₹64.1 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी की गांगोल फैसिलिटी में नया प्लांट और मशीनरी खरीदने (कैपेक्स) के लिए होगा। इससे ट्रांसफॉर्मर बनाने की क्षमता बढ़ेगी, बैकवर्ड इंटीग्रेशन सुविधाओं को बढ़ाया व ऑटोमेट किया जाएगा और काम करने की क्षमता बेहतर होगी। इसके अलावा गांगोल प्लांट में ऑफिस बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन व इंटीरियर का काम होगा।
वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू के मामले में यह कंपनी देश में ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टरों को अपनी सेवाएं देती है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी भारत की उन 5 चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जिनके पास पावर ट्रांसमिशन में इस्तेमाल होने वाले 500 MVA, 400 kV ट्रांसफॉर्मर के लिए शॉर्ट-सर्किट टेस्ट का सर्टिफिकेशन है । कंपनी बड़े पैमाने पर ट्रांसफॉर्मर का शॉर्ट-सर्किट टेस्ट करती है और 31 मार्च 2026 तक 200 से ज्यादा रेटिंग्स का टेस्ट कर चुकी है।
कंपनी मुख्य रूप से 2 बिजनेस सेगमेंट में काम करती है – ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस और EPC बिजनेस। कंपनी अपने EPC बिजनेस में ट्रांसफॉर्मर बनाने के साथ-साथ पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन का काम भी संभालती है। इससे कंपनी सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों के लिए टर्नकी प्रोजेक्ट्स पूरे कर पाती है।

