28 लाख करोड़ रुपये के कर्ज वाली दुनिया की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी दिवालिया
मुंबई- 2017 में दुनिया की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी बनी चीन की एवरग्रैंड दिवालिया हो गई है। कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। धोखाधड़ी के मामले में कंपनी के फाउंडर हुई का यान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। कंपनी पर करीब 28 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था।
2017-2018 में यह दुनिया की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी बन गई थी। इसकी वैल्यू 400 बिलियन डॉलर के करीब थी। आज के हिसाब से ये 4.90 लाख करोड़ रुपए के करीब होती है। कंपनी के पतन की मुख्य वजह चीनी सरकार की ‘थ्री रेड लाइन्स’ पॉलिसी थी, जो 2020 में ज्यादा कर्ज लेने वाले डेवलपर्स को रोकने के लिए लाई गई थी। इससे एवरग्रैंड को मिलने वाला सस्ता कर्ज बंद हो गया। कंपनी केवल नए फ्लैट्स के एडवांस पैसों के भरोसे काम कर रही थी। जैसे ही कर्ज मिलना बंद हुआ और घरों की बिक्री घटी, कंपनी का पूरा कैश फ्लो ठप हो गया।
एवरग्रैंड के फाउंडर हुई का यान की कहानी गांव के एक गरीब लड़के के शहरी सपनों का सौदागर बनकर चीन का सबसे अमीर आदमी बनने की है। उसने ‘एवरग्रैंड’ नाम का एक ऐसा विशाल साम्राज्य खड़ा किया, जो गगनचुंबी इमारतें बनाता था, फुटबॉल क्लब खरीदता था।
कंपनी के फाउंडर का तरीका बहुत ही आसान था। इसका तरीका यह था कि जमीन खरीदो, नींव डालने से पहले ही कागजों पर पूरे फ्लैट बेच दो और ग्राहकों से मिले उस एडवांस पैसे से अगला प्रोजेक्ट शुरू कर दो। लेकिन ताश के पत्तों से बने इस महल की बुनियाद बेतहाशा कर्ज पर टिकी थी। जब सरकार ने कर्ज के नल बंद किए, तो साम्राज्य भरभराकर ढह गया।
280 शहरों में फैले 1,300 अधूरे प्रोजेक्ट्स का पहाड़ छोड़कर एवरग्रैंड आखिरकार इतिहास के पन्नों में दफन हो गया। संस्थापक हुई का यान को अदालत ने वित्तीय धोखाधड़ी में उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया और अगले ही दिन गुआंगडोंग की अदालत ने कंपनी को पूरी तरह बंद करने के आदेश पर मुहर लगा दी।।
गुआंगझू की अदालत ने गुआंगझू रूरल कॉमर्शियल बैंक की याचिका पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि कंपनी कर्ज चुकाने में पूरी तरह असमर्थ है और उसकी कुल संपत्ति देनदारियों की तुलना में बहुत कम है। इसके साथ ही कंपनी को पूरी तरह बंद करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई।
66 साल के हुई का यान को धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ियों में दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा दी गई है। उनके सभी राजनीतिक अधिकार छीन लिए गए हैं और पूरी निजी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया गया है। शैनजेन कोर्ट ने पेरेंट कंपनी चाइना एवरग्रैंड पर 8.82 अरब युआन और हेंगडा रियल एस्टेट पर 7 अरब युआन का भारी जुर्माना भी लगाया है।

