बैंकों में जमा की रफ्तार 10 साल के हाई पर पहुंची, डिपॉजिट ग्रोथ 15.4 प्रतिशत
मुंबई- देश में कर्ज की मांग तेजी से बढ़ने के बीच बैंकों ने जमा जुटाने की रफ्तार भी तेज कर दी है। 31 जुलाई 2026 तक बैंक डिपॉजिट सालाना आधार पर 15.4 फीसदी बढ़कर 269.4 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो दिसंबर 2016 के बाद सबसे तेज वृद्धि है। 15 जुलाई को डिपॉजिट ग्रोथ 12.7 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि में 10 फीसदी थी। इस दौरान टर्म डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि आरबीआई की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR (B) जमा से भी बैंकों को बड़ा सहारा मिला।
दूसरी तरफ, बैंक कर्ज की वृद्धि भी तेज होकर 19.3 फीसदी पर पहुंच गई, जो मई 2024 के बाद सबसे ऊंची रफ्तार है। बैंकों का कुल बकाया कर्ज 220.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि इस पखवाड़े में जमा की बढ़ोतरी कर्ज से ज्यादा रही, जिससे लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो 82.7 फीसदी से घटकर 81.9 फीसदी रह गया। इसके बावजूद कर्ज की वृद्धि जमा से तेज बनी हुई है।
बैंकों से दिए जाने वाले कर्ज की वृद्धि भी 15 जुलाई के 17.7 फीसदी से बढ़कर 19.3 फीसदी हो गई। पिछले साल की समान अवधि में यह 10 फीसदी थी। जमा की रफ्तार बढ़ने से कर्ज और जमा की वृद्धि के बीच का अंतर पांच फीसदी से घटकर करीब 3.95 फीसदी रह गया।
31 जुलाई 2026 तक बैंकों के पास कुल जमा बढ़कर 269.4 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी टर्म डिपॉजिट में हुई। आरबीआई की विशेष स्वैप सुविधा के कारण FCNR (B) जमा बढ़ने से भी कुल जमा को सहारा मिला।
इस दौरान बैंकों का कुल बकाया कर्ज 220.8 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2027 में अब तक बैंक कर्ज में 7.18 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में कर्ज 2.58 लाख करोड़ रुपये बढ़ा था। कर्ज बढ़ने की मौजूदा रफ्तार मई 2024 के बाद सबसे ज्यादा है।
31 जुलाई 2026 तक बैंक कर्ज सालाना आधार पर 19.3 फीसदी बढ़ा, जबकि 15 जुलाई को इसकी वृद्धि 17.7 फीसदी थी। कुल बकाया कर्ज बढ़कर 220.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। हालांकि कर्ज में आई इस तेजी की एक वजह पिछले साल का कम आधार और रिपोर्टिंग अवधि में बदलाव भी रहा। एक पखवाड़े में बैंकों का कर्ज 3.45 लाख करोड़ रुपये बढ़ा। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 में अब तक बैंक कर्ज में कुल 7.18 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हो चुकी है। यह पिछले साल की समान अवधि के 2.58 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले करीब तीन गुना है।
केयरएज के मुताबिक, आने वाले कुछ समय तक कर्ज की मांग मजबूत रह सकती है। हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2027 में मौजूदा 19.3 फीसदी की वृद्धि दर बने रहने की संभावना कम है। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनियां और एनबीएफसी बॉन्ड और बाजार के दूसरे विकल्पों से ज्यादा पैसा जुटा सकती हैं। इससे बैंक कर्ज की वृद्धि कुछ धीमी हो सकती है। केयरएज का अनुमान है कि पूरे वित्त वर्ष 2027 में बैंक कर्ज की वृद्धि 14.5 से 15.5 फीसदी के बीच रह सकती है।
31 जुलाई तक बैंकों का टर्म डिपॉजिट सालाना आधार पर 14.8 फीसदी बढ़कर 235.1 लाख करोड़ रुपये हो गया। कुल बैंक जमा में टर्म डिपॉजिट की हिस्सेदारी 87.3 फीसदी रही। पिछले साल इसी अवधि में टर्म डिपॉजिट 9.2 फीसदी बढ़ा था। डिमांड डिपॉजिट में भी 19.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल समान अवधि में इसमें 18.7 फीसदी वृद्धि हुई थी।

