टाटा संस का इतिहास, पहली बार एजीएम टली, एसआरटीटी कोरम की शर्त पूरी नहीं हुई
मुंबई- टाटा संस ने इतिहास रच दिया है। मुंबई में टाटा समूह के मुख्यालय ‘बॉम्बे हाउस’ में मंगलवार को होने वाली टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग टल गई। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि टाटा संस की एजीएम टली हो।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन बैठक में शामिल होने सुबह ही पहुंच चुके थे, लेकिन कानूनी व तकनीकी अड़चनों के चलते ये बैठक बिना किसी फैसले के स्थगित हो हो गई। कंपनी के नियमों के मुताबिक, AGM का कोरम पूरा होने के लिए कम से कम 5 सदस्यों का व्यक्तिगत रूप से मौजूद होना जरूरी है। इसमें सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि का होना अनिवार्य है।
बोर्ड मीटिंग न हो पाने के कारण ये ट्रस्ट संयुक्त प्रतिनिधि तय नहीं कर सके हैं। यह नियम तब तक लागू है जब तक दोनों ट्रस्टों के पास टाटा संस की कम से कम 40% हिस्सेदारी है। वर्तमान में SRTT और SDTT के पास 51% और पूरे टाटा ट्रस्ट्स नेटवर्क के पास 66% हिस्सेदारी है।
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने मई में SRTT बोर्ड गठन की जांच के संबंध में निर्देश जारी किए थे। तब से ट्रस्ट की बैठक नहीं हो सकी है। इसी वजह से संयुक्त प्रतिनिधि के नाम पर मुहर नहीं लग पाई है।
नियम के मुताबिक, AGM स्थगित होने पर चंद्रशेखरन तब तक डायरेक्टर पद पर बने रहेंगे, जब तक कि अगली मीटिंग नहीं हो जाती। वहीं, नया चेयरमैन चुनने के लिए 13 अगस्त को SDTT ने एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन SRTT की बैठक न हो पाने से नए चेयरमैन के चुनाव की प्रक्रिया भी अटक सकती है।

