उदय कोटक ने दी चेतावनी, मुश्किल समय के लिए तैयार रहें, यह है इसका कारण
मुंबई- कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और निदेशक उदय कोटक ने इंडिया इंक. को चेतावनी दी। उनके मुताबिक, ईरान में जारी संघर्ष के कारण दुनिया एक बड़े आर्थिक झटके की ओर बढ़ सकती है। वैश्विक आर्थिक व्यवस्था एक अस्थिर ‘पुरातन’ दौर में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने व्यवसायों और नीति निर्माताओं से ‘रणनीतिक सतर्कता’ की मानसिकता अपनाने की अपील की।
कोटक की यह राय ऐसे समय में आई हैं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीयों से ‘वर्क फ्रॉम होम’, ऑनलाइन बैठकों, यात्रा में कमी और ऐसी ही अन्य प्रथाओं की ओर लौटने की अपील की है। इनका पालन कोरोना की महामारी के दौरान किया गया था।
उदय कोटक ने सीआईआई के वार्षिक कार्यक्रम में कहा, दुनिया सहयोगात्मक ‘दावोस मानसिकता’ से दूर हटकर 1945 से पहले के दौर की ओर बढ़ रही है। इसमें देश व्यापार मार्गों और भौतिक संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करते थे।
कोटक ने मलक्का स्ट्रेट से जुड़ी चिंताओं की ओर इशारा किया। कहा कि एआई क्रांति और व्यापक भू-राजनीतिक बदलावों ने ऐसे रणनीतिक ‘चोकपॉइंट्स’ (महत्वपूर्ण संकरे मार्ग) को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है, जिनमें दूर-दराज की अर्थव्यवस्थाओं को भी अस्थिर करने की क्षमता है।
उदय कोटक बोले, ‘हम एक ऐसी मानसिकता देख रहे हैं कि कौन किस चीज पर नियंत्रण रखेगा। एक ‘पुरातन’ दुनिया में यह मायने रखता है कि संपत्तियों पर किसका नियंत्रण है। भारत को यथार्थवादी, रणनीतिक और समझदार बनने की जरूरत है।’
उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों के प्रति भारत की संवेदनशीलता को भी हाईलाइट किया। कहा कि जब तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल थी तब चालू खाता घाटा (CAD) -1% पर मैनेजबल था। लेकिन, तेल की कीमत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल हो जाती है तो यह बढ़कर -2.5% तक पहुंच सकता है।

