निवेशकों को डुबोया, एसबीआई निफ्टी आईटी फंड में एक लाख का निवेश एक साल में घटकर रह गया 81,000 रुपये

अजीत सिंह

मुंबई- निवेशक जिस सुरक्षा और विश्वास के साथ बड़े फंड हाउसों की स्कीमों में पैसा लगा रहे हैं, उसमें उनको जमकर घाटा हो रहा है। यहां तक कि एसबीआई, टाटा, कोटक, एक्सिस, निप्पॉन जैसे फंड हाउस भी मार्केट की चाल को नहीं समझ पाए। यही कारण है कि इन फंडों की आईटी स्कीम ने एक साल में निवेशकों के एक लाख रुपये को 81000 रुपये कर दिया।

अर्थलाभ के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले एक साल में आईटी सेक्टर एआई के चलते दबाव में रहा है। हालांकि, अब एंथ्रोपिक के संस्थापक खुद एआई को लेकर चेतावनी दे रहे हैं कि यह खतरनाक मामला है। बावजूद इसके भारतीय फंड हाउसों की आईटी स्कीमों ने निवेशकों को जमकर डुबोया है। आदित्य बिरला के निफ्टी आईटी इंडेक्स फंड का एक साल में घाटा 17.38 फीसदी रहा है।

उदाहरण के तौर पर एक्सिस के निफ्टी आईटी इंडेक्स फंड में एक साल पहले लगाया गया एक लाख रुपये अब घटकर 82,000 रुपये रह गया है। यानी 18.25 प्रतिशत का घाटा मिला है। तीन साल में इस फंड ने 2.28 प्रतिशत का घाटा दिया है। यानी इस दौरान अगर कोई बैंक की एफडी में भी एक लाख का निवेश करता तो उसकी रकम 1.18 लाख रुपये हो जाती अगर 6 प्रतिशत भी बैंक ब्याज देता तो।

निप्पॉन इंडिया देश का चौथा सबसे बड़ा फंड हाउस है। इसकी आईटी ईटीएफ स्कीम ने 18.12 पर्सेंट का घाटा एक साल में दिया है। तीन साल में इसने 2.13 फीसदी का घाटा दिया है। एसबीआई देश का सबसे बड़ा फंड हाउस है। 13 लाख करोड़ रुपये के एयूएम वाले इस फँड हाउस के निफ्टी आईटी फँड ने एक साल में 18.59 प्रतिशत का घाटा दिया है।

एक्सिस के निफ्टी आईटी फंड में एक साल में 18.75 ‌फीसदी का घाटा निवेशकों को हुआ है। टाटा के निफ्टी इंडिया फंड में 16.77 पर्सेंट का घाटा हुआ है। डीएसपी के निफ्टी आईटी इंडिया फँड ने 18.68 फीसदी का घाटा एक साल में दिया है। देस का तीसरा सबसे बड़ा फंड हाउस एचडीएफसी फंड भी पीछे नहीं रहा है। इसके निफ्टी आईटी इंडेक्स ने 18 फीसदी से ज्यादा का घाटा दिया है। मतलब एक लाख रुपये का निवेश एक साल में घटकर 82,000 रुपये रह गया है।

कोटक देश का पांचवां सबसे बड़ा फँड हाउस है। कोटक निफ्टी आईटी के फंड ने एक साल में 17.77 फीसदी का घाटा दिया है। यूटीआई निफ्टी आईटी इंडेक्स ने करीब 18 पर्सेंट का घाटा दिया है। यानी एक लाख रुपये का निवेश इसमें घटकर 82000 रुपये रह गया। इन आईटी फंडों के बजाय अगर कोई निवेशक यही रकम बैंक की एफडी या किसी और भी साधन में लगाता तो उसकी रकम अब तक 1.06 लाख रुपये के करीब हो जाती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *