जियो का आईपीओ दिवाली तक संभव, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे, सेबी की मंजूरी

मुंबई- रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम ब्रांच, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है।

इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ऑफिशियल पोर्टल पर भी जियो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस का स्टेटस ‘अप्रूव्ड’ दिखाने लगा है। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है।

जानकारों का अनुमान है कि दीपावली के आसपास इसे लॉन्च किया जा सकता है। इसी साल 19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया था कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भी लाने जा रही है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

ईशा अंबानी ने कहा था कि रिलायंस रिटेल का ग्राहक आधार लगातार बढ़ रहा है और रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 38.7 करोड़ तक पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन किए, जो एक साल पहले के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

उन्होंने बताया कि होम और पर्सनल केयर कारोबार इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से पांच गुना तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 11.8% बढ़कर 3.70 लाख करोड़ रुपए हो गया। अंबानी ने कहा, “जियो की यह लिस्टिंग पूरी दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।” दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की ही टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है।

भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देती है। इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और एआई (AI) टूल्स मौजूद हैं।

इस IPO में कोई भी ‘ऑफर फॉर सेल’ कंपोनेंट शामिल नहीं है। इसका मतलब यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज या कंपनी के अन्य मौजूदा बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बाजार में नहीं बेच रहे हैं। IPO से मिलने वाला पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा।

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