वोडाफोन आइडिया का शेयर 52 हफ्ते के शीर्ष पर, 2024 के बाद पहली बार 15 के पार
मुंबई- टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के अच्छे दिन लौटते नजर आ रहे हैं। बुधवार को जोरदार तेजी के चलते शेयर ने 2024 के बाद पहली बार 15 रुपये के अहम लेवल के पार किया। कारोबार के दौरान शेयर बीएसई पर 15.37 रुपये तक पहुंचा, जो इसका नया 52-वीक हाई भी है। पिछले 6 महीने में शेयर का भाव करीब 40 फीसदी उछल चुका है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में वोडाफोन आइडिया का भाव और बढ़ेगा।
एंजल वन के टेक्निकल एनलिस्ट हितेश राठी कहतें हैं कि वोडाफोन आइडिया का टेक्निकल स्ट्रक्चर ऊपर की ओर शुरुआती ट्रेंड रिवर्सल के संकेत दे रहा है। इसकी रेंज ऊपर की तरफ 20 के लेवल के आसपास और मजबूत सपोर्ट 6 रुपये के लेवल पर साफ तौर पर दिख रही है।
उन्होंने बताया कि शेयर में तगड़े वॉल्युम से 14.30-14.50 रुपये के ऊपर ब्रेकआउट देखने को मिला, जिससे बुलिश सेटअप को मजबूती मिली है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी सपोर्टिव है। RSI तेजी से रिकवर हुआ है और ऊपर की ओर बढ़ रहा। जबकि MACD पॉजिटिव क्रॉसओवर बना रहा, जो मजबूत खरीदारी के संकेत दे रहा।
विश्लेषकों के मुताबिक, आगे चलकर शेयर के लिए 15.50 रुपये का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंट का काम कर सकता है। अगर अच्छे वॉल्यूम के साथ भाव इस लेवल के ऊपर बना रहा है, तो यह 16 और 17 रुपये की ओर जा सकता है। डाउनसाइड में 14.20 रुपये से 14.35 रुपये का स्तर इमीडिएट सपोर्ट जोन है, जबकि 13.25 से 13 रुपये का जोन अहम मीडियम टर्म सपोर्ट बना हुआ है।
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी का ट्रिगर फंड जुटाने की योजना रही। क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि वोडाफोन आइडिया जल्द ही बैंकों से बड़ी रकम जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर सकती है।
खबरों के मुताबिक कंपनी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अगुआई वाले सरकारी बैंकों के ग्रुप से कर्ज लेने के लिए बातचीत के अपने आखिरी फेज में है। इसी खबर से शेयरों में जोश देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक वोडाफोन आइडिया SBI की अगुआई वाले 6-7 सरकारी बैंकों के ग्रुप से बड़ा कर्ज लेने की तैयारी कर रही है।
लंबे समय से पैसों की कमी जूझ रही वोडाफोन आइडिया शुरुआती फेज में 6400 करोड़ रुपये जुटा चुकी है, जिसमें से 1183 करोड़ रुपये प्रोमोटर आदित्य बिड़ला ग्रुप को जारी किए गए वारंट से मिले हैं। जबकि बाकी रकम फॉरेन लेंडर्स और भारत के प्राइवेट बैंकों से जुटाई गई है।

