म्यूचुअल फंडों ने बाजार की गिरावट में शेयरों में निवेश कम किया, तीन साल के निचले स्तर पर

मुंबई- भारतीय शेयरों में घरेलू म्युचुअल फंडों की खरीद बीती फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 10,381 करोड़ रुपये पर आ गई। यह जनवरी के 42,355 करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम है। गिरावट का कारण इक्विटी योजनाओं में घटता निवेश और बाजार में बढ़ता उतार-चढ़ाव है। लेकिन फंड मैनेजरों का मानना ​​है कि बाजार में हाल में आई तेज गिरावट से उन्हें आने वाले महीनों में खरीद बढ़ाने का मौका मिल सकता है क्योंकि शेयरों का मूल्यांकन ज्यादा आकर्षक हो गया है।

शेयरों में म्युचुअल फंडों के निवेश पर इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं में आने वाले शुद्ध निवेश, नकदी की स्थिति में बदलाव और हाइब्रिड फंडों के इक्विटी आवंटन में परिवर्तन का असर होता है। जनवरी में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश सात महीने के निचले स्तर 24,029 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।

बाजार के जानकारों का कहना ​​है कि इक्विटी योजनाओं के कमजोर अल्पकालिक प्रदर्शन के कारण निवेशकों का मनोबल सुस्त हुआ है। भू-राजनीतिक तनाव में इजाफे और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच गोल्ड ईटीएफ जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेशों की ओर निवेशकों का आवंटन बढ़ा है।

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में आने वाला निवेश 2025 के अधिकांश समय स्थिर बना रहा लेकिन इस महीने इसमें मामूली गिरावट देखी गई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश पिछले महीने सकारात्मक हो गया, जबकि पिछले दो महीनों से उनकी शुद्ध बिकवाली हो रही थी। इससे कुछ घरेलू फंड प्रबंधकों को मुनाफा कमाने का मौका मिला।

मॉर्गन स्टैनली के अनुसार हाल की अस्थिरता ने खरीदारी के अवसर पैदा किए हैं। ब्रोकरेज फर्म ने हाल में जारी एक नोट में कहा, भारतीय शेयर बाजार अच्छी खबरों की तुलना में बुरी खबरों पर ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि भारत में संरचनात्मक समस्याएं उभर रही हैं। हमारा मानना ​​है कि इससे बाजार की प्रतिकूल स्थिति का पता चलता है और निकट भविष्य में अस्थिरता की संभावना के बावजूद उचित कीमतों पर ऊंची गुणवत्ता वाले शेयर खरीदने का मौका मिलता है।

ताजा गिरावट के बाद मूल्यांकन में सुधार होने से अधिकांश बैलेंस्ड एडवांटेज फंड (बीएएफ) और मल्टी-ऐसेट स्कीम इक्विटी में धीरे-धीरे अपना निवेश बढ़ा रही हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड ने बीएएफ पोर्टफोलियो का विश्लेषण किया है जिससे पता चलता है कि पांच अग्रणी योजनाओं का औसत इक्विटी आवंटन सितंबर 2024 के 46.4 फीसदी से बढ़कर जनवरी 2026 में 54.9 फीसदी पर पहुंच गया।

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