एसआईएफ में निवेशकों का जमकर दांव, एक साल में 19 गुना बढ़ा एयूएम
मुंबई- स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) में सितंबर में 7,578 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह अगस्त में आए 7,699 करोड़ रुपये के मुकाबले थोड़ा कम है। हालांकि मासिक इनफ्लो में मामूली कमी के बावजूद, यह सेगमेंट तेजी से बढ़ता रहा। अगस्त में 26,447 करोड़ रुपये के मुकाबले, इसका एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AAUM) 32.42 फीसदी बढ़कर 35,021 करोड़ रुपये हो गया।
30 सितंबर 2026 तक SIF में कुल 37,606 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। SIF उद्योग ने अपनी शुरुआत के बाद से तेजी से विस्तार किया है। अक्टूबर 2025 में इन फंड्स की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2,010 करोड़ रुपये थीं, जो सितंबर 2026 के अंत तक करीब 19 गुना बढ़कर 38,287 करोड़ रुपये हो गईं। मार्च 2026 में इस इंडस्ट्री ने 10,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया, जब इसका AUM 10,620 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके बाद जुलाई में यह 20,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार करते हुए 23,177 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इस तेज वृद्धि से पता चलता है कि निवेशक पारंपरिक म्युचुअल फंड की तुलना में अधिक लचीली निवेश रणनीतियों में दिलचस्पी ले रहे हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने SIF की शुरुआत पारंपरिक म्युचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से की थी। इस उद्योग में अब 34 एक्टिव योजनाएं हैं और निवेशक खातों (फोलियो) की संख्या 1,56,483 हो गई है। प्रति फोलियो औसत निवेश 24.5 लाख रुपये है।
हाइब्रिड निवेश रणनीतियों का SIF उद्योग में दबदबा है। इस कैटेगरी की 14 योजनाओं में 71,697 निवेशक फोलियो हैं और इनका कुल एयूएम 26,413 करोड़ रुपये है, जो SIF उद्योग की कुल परिसंपत्तियों का 69 फीसदी है। इस कैटेगरी में प्रति फोलियो औसत निवेश 36.8 लाख रुपये है।
हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड इस कैटेगरी में सबसे आगे हैं। इनका एयूएम 23,957 करोड़ रुपये है, जो SIF उद्योग के कुल एयूएम का 63 फीसदी है। इन फंड्स में पिछले 12 महीनों के दौरान 23,426 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया है। इससे पता चलता है कि निवेशक लॉन्ग और शॉर्ट पोजिशन को मिलाकर निवेश करने वाली रणनीतियों में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं।

