म्युचुअल फंड में महिला निवेशकों का AUM 11 लाख करोड़ रुपये के पार हुआ
मुंबई- महिला निवेशक अब म्युचुअल फंड में 11.3 लाख करोड़ रुपये की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभाल रही हैं। वित्त वर्ष 2026 में महिलाओं ने 3 लाख करोड़ रुपये का ग्रॉस निवेश किया, जो कुल निवेश (इनफ्लो) का 35 फीसदी हिस्सा है। यह भारत के म्युचुअल फंड उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और लॉन्ग टर्म व सिस्टमैटिक निवेश की ओर उनके झुकाव को दर्शाता है।
महिलाएं अब एक्टिव सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIPs) में 29 फीसदी हिस्सेदारी रखती हैं, जो अनुशासित और लंबी अवधि के निवेश के प्रति उनकी बढ़ती पसंद को दर्शाता है। महिला निवेशकों की संख्या बढ़कर 1.32 करोड़ हो गई है, जिसमें वित्त वर्ष 2026 के दौरान 22 लाख नए निवेशक जुड़े हैं।
लगभग 75 फीसदी महिला निवेशकों की उम्र 50 वर्ष से कम है, जबकि 35 वर्ष से कम आयु वर्ग में निवेशकों की संख्या में मजबूत बढ़ोतरी देखी गई है। महिला निवेशक अब केवल शुरुआती भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लक्ष्य-आधारित निवेश व्यवहार की ओर बढ़ रही हैं। महिलाएं तेजी से डायवर्सिफाइड और व्यवस्थित निवेश रणनीतियां अपना रही हैं।
SIPs में मजबूत भागीदारी: लाइव SIPs में महिलाओं की हिस्सेदारी 29% है, जो नियमित और लंबे समय के निवेश की ओर उनके बढ़ते झुकाव को दिखाता है। युवा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी: लगभग 75% महिला निवेशक 50 साल से कम उम्र की हैं, और 35 साल से कम उम्र के ग्रुप में खास तौर पर तेजी देखी गई है। अब 45% महिला निवेशक टॉप 30 शहरों (B30) से बाहर के इलाकों से आती हैं, जो पूरे देश में म्युचुअल फंड की गहरी पहुंच का संकेत है।

